आंखें खोलिए

आंखें खोलिए जिंदा हो तो जिंदा दिखना भी चाहिए।
भेदभाव,अपराध,पर बोलना भी चाहिए

06/02/2026
विवेक कुमार सिंह नायब तहसीलदार सरोजनी नगर लखनऊ के फर्जीवाड़ा न्यायिक भ्रष्टाचार पर राजस्व परिषद ने  आयुक्त  लखनऊ    को  ...
04/02/2026

विवेक कुमार सिंह नायब तहसीलदार सरोजनी नगर लखनऊ के फर्जीवाड़ा न्यायिक भ्रष्टाचार पर राजस्व परिषद ने आयुक्त लखनऊ को दिए जांच के आदेश
अंसल कंपनी से करोड़ों रुपए लेकर फर्जीवाड़ा न्यायिक भ्रष्टाचार कर नामांतरण आदेश पारित करने का आरोप
कार्यवाही हेतु मांगी संस्तुति सहित स्पष्ट आख्या
मामला-उच्च न्यायालय के अधिवक्ता सुनील कुमार सिंह के द्वारा राजस्व परिषद को प्रेषित प्रार्थना पत्र के अनुसार उनकी भूमि खसरा संख्या-68 / 0.3160 हे0,112/0.9760 हे0, 138/0. 1770 हे0 व 177/0.7120 हे0 कुल 4 किता कुल रकबा 2.1810 हेo स्थित ग्राम- मुजफ्फर नगर घुसवल, परगना बिजनौर थाना सुशांत गोल्फ सिटी तहसील सरोजनीनगर जनपद लखनऊ के स्वामित्व को लेकर तहसील न्यायालय सिविल न्यायालय एवं उच्च न्यायालय में अंसल कंपनी आदि के मध्य वाद लंबित है,तथा माननीय उच्च न्यायालय खंडपीठ लखनऊ से स्थगन आदेश है,जो आज तक प्रभावी है । अंसल कंपनी ने वर्ष 2006 में गंगाराम पूर्णमासी कृष्णावती से भूमि विवादित होते हुए उक्त भूमि का बैनामा करवाया था। भूमि का स्वामित्व विवादित होने के कारण अंसल कंपनी के पक्ष में दाखिल खारिज दिनांक 16 नवंबर सन 2025 तक नहीं हुआ था । 10 - 12 वर्ष पूर्व विक्रेता गंगाराम एवं कृष्णावती की मृत्यु हो गई थी। उक्त भूमि पर वर्ष 2006 से ही गंगाराम पूर्णमासी कृष्णावती के नाम का दाखिल खारिज स्थगित है।
आरोप-विक्रेता पूर्णमासी एवं कृष्णावती की मृत्यु हो जाने के कारणउनके स्थान पर उनके वारिशों को पक्षकार बनाए बिना दाखिल खारिज की कार्यवाही नहीं की जा सकती थी तथा माननीय राजस्व परिषद की पूर्ण पीठ द्वारा वाद संख्या-REV/3014/2014 कंप्यूटरीकृत वाद संख्या-R20141064003014 में आपत्ति का अधिकार बिषय पर पारित आदेश दिनांक-19-07-2019 के अनुसार माननीय उच्च न्यायालय से WRIT-C(WRIC)-1006873 OF 2009 KISHORI S/O LATE KALLU AND ANDAR VERSUS UPPER AYUKT PRASHASAN LUCKNOW MANDAL AND OTHERS में दिनांक -11-12-2009 से स्थगन होने तथा याचिका निस्तारण हेतु लंबित होने के कारण दाखिल खारिज की कार्यवाही नहीं की जा सकती थी। दिनांक-16-09-2025 को विवेक कुमार सिंह नायब तहसीलदार बिजनौर तहसील सरोजनी नगर जनपद लखनऊ प्रशासनिक कार्य में थे उन्हे कोई न्यायिक कार्य नहीं करना था ना ही किसी दूसरे नियत 38 केशों में कुछ किया और ना ही न्यायालय में बैठे। विवेक कुमार सिंह नायब तहसीलदार ने केवल सुनील कुमार सिंह लोधी अधिवक्ता के प्रश्नगत वादवाद संख्या-27850/2025 कम्प्यूटरीकृत वाद संख्या टी-202510460527850 चक्रधारी प्रॉपर्टीज बनाम पूर्णमासी आदि अन्तर्गत धारा 34 / 35 उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 में ही गंभीर न्यायिक भ्रष्टाचार करते हुए करोड़ों रुपया लेकर अंंसल कंपनी के पक्ष में दाखिल खारिज दिनांक-16-09-2025 आदेश किया । अधिवक्ता के प्रार्थना पत्र दिनांक-16-10-2025 अंतर्गत धारा 209 (ज) उत्तर प्रदेश राजस्वसंहिता -20 03 पर सुनवाई दिनांक-22-11-2025 नियत कर फिर फर्जीवाड़ा कर काजलिस्ट दिनांक-29-10-2025 में कूटरचना से वाद को सुनवाई हेतु दर्ज कर अंसल कंपनी को बिना नोटिस जानकारी दिए ही उसकी फर्जी बहस सुनने की कहानी बनाकर उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रणाली (आर0सी0एम0एस0) को अवैध रूप से संचालित कर उसमें पूर्व से निर्धारित तिथि -22-11-2025 को आदेश हेतु सुरक्षित दिनांक-07-11-2025 दर्ज कर तथा कॉजलिस्ट में फर्जीवाड़ा कर कूटरचना से भी दर्ज कर प्रार्थना पत्र दिनांक-16-10-2025 अंतर्गत धारा 209 (ज) उत्तर प्रदेश राजस्वसंहिता निरस्त कर दिया था जिस पर अधिवक्ता सुनील कुमार सिंह लोधी द्वारा राजस्व परिषद को प्रेषित प्रार्थना पत्र पर
अमृतकाल में कार्यवाही -राजस्व परिषद ने आयुक्त लखनऊ मंडल लखनऊ को दिनांक-19-01-2026 को प्रार्थना पत्र प्रेषित कर जांच कर कार्यवाही की संस्तुति सहित स्पष्ट आख्या मांगा है। अधिवक्ता सुनील कुमार लोधी ने बताया कि विवेक कुमार सिंह को जनहित में लोक सेवा में रहने ना दिए जाने के संबंध में कार्यवाही करने हेतू माननीय उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल किया है जिसमें राज्य को नोटिस जारी कर निस्तारण हेतु लंबित है। उक्त फर्जीवाड़ा में नायब तहसीलदार विवेक कुमार के साथ शामिल पेशकार,लिपिक,डेटा ऑपरेटर/फीडर द्वारा अंसल इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक प्रणव अंसल व सुशील अंसल व अध्यक्ष राजेश्वर राव,अपर महाप्रबंधक विनय तिवारी व उनके लिए काम करने वाले दबंग भूमिया विकास सिंह व तिलक राज सिंह तथा उनकी सहयोगी कंपनी चक्रधारी प्रॉपर्टीज के अधिकृत हस्ताक्षरी के0के0 सिंह सहित 20-25 अन्य सहयोगी अज्ञात साथियों के विरुद्ध थाना बिजनौर में B.N.S. की धारा-198,316,318(4), 336(3),338,340(2),217,246,247,316,236,237,239,227,228,230,233,255,61, 3(5) F.I.R दर्ज कराने हेतु मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट लखनऊ के यहां प्रार्थना पत्र भी दाखिल किया जिसमें थाना बिजनौर लखनऊ से आख्या मांगी गई है, तथा निस्तारण हेतु लंबित है ।

15/01/2026

ना गुंडाराज ना भ्रष्टाचार की असली सच्चाई कोर्ट ऑफिसर रत्नेश शुक्ला पर टोल टैक्स विवाद को लेकर जानलेवा हमला।

15/01/2026

ऐसी सादगी को नमन

23/12/2025

दीपू की हत्या के मामले में दीपू के भाई ओपू ने भालुका

पुलिस स्टेशन में फिर दर्ज करवाई थी। बांग्लादेश पुलिस और रब ने घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और बाकी जांच के आधार पर फैक्ट्री के फ्लोर इंचार्ज आलमगीर हुसैन, क्वालिटी इंचार्ज मोहम्मद मिराज हुसैन एकॉन के अलावा 5 और फैक्ट्री वर्कर्स को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा तीन अन्य बाहरी लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

अधिवक्ता ने नायब तहसीलदार विवेक कुमार सिंह तहसील सरोजनीनगर लखनऊ पर लगाया  भ्रष्टाचार के गंभीर  आरोपभ्रष्ट न्यायिक अधिकार...
09/12/2025

अधिवक्ता ने नायब तहसीलदार विवेक कुमार सिंह तहसील सरोजनीनगर लखनऊ पर लगाया भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
भ्रष्ट न्यायिक अधिकारियों के न्यायालयों का बहिष्कार व FIR कराने इंडिया बार काउंसिल व उत्तर प्रदेश बार काउंसिल सहित लखनऊ के सभी बार को लिखा पत्र
तहसील सरोजनी नगर लखनऊ के नायब तहसीलदार विवेक कुमार सिंह पर असल कंपनी से करोड़ों रुपए लेकर फर्जीवाड़ा व न्यायिक प्रक्रिया न्यायिक आदेशों का मखौल उड़ाकर,अवैध फर्जी आदेश करने की शिकायत
लखनऊ। राजधानी के दक्षिणी कमिश्नरेट क्षेत्र में एक बड़ा राजस्व घोटाला सामने आने का दावा किया गया है। अधिवक्ता सुनील कुमार सिंह लोधी ने नायब तहसीलदार विवेक कुमार सिंह, उनके स्टाफ पर असल कंपनी से करोड़ों रुपये लेकर फर्जी कॉज लिस्ट तैयार कर फर्जीवाड़ा तथा न्यायिक प्रक्रिया का तमाशा बनाकर प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना कर न्याय कार्य से विरक्त होकर प्रशासनिक कार्य में विशेष मतदाता पुनरीक्षण / एस0 आई0 आर0 में ड्यूटी करते हुए आदेश पारित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।अधिवक्ता ने अपनी विस्तृत शिकायत बार काउंसिल ऑफ इंडिया, बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश, तथा लखनऊ की कई प्रमुख बार एसोसिएशन्स को भेजी है। शिकायत के अनुसार, राजस्व वाद संख्या 27850/2025 में 16 सितंबर 2025 को राजस्व परिषद के न्यायिक आदेशों के विरुद्ध नामांतरण आदेश तब पारित कर दिया गया जब नायब तहसीलदार विवेक कुमार सिंह की ड्यूटी प्रशासनिक कार्य विशेष मतदाता पुनरीक्षण / एस0 आई0 आर0 में लगी हुई थी वह कोर्ट में बैठे ही नहीं थे । उक्त केस के अलावा किसी केस में उन्होंने उस दिन कुछ नहीं किया । उक्त फर्जीवाड़ा से पारित आदेश को निरस्त कराने हेतु धारा 209(ज) का प्रार्थना पत्र दिया, तो नायब तहसीलदार व स्टाफ ने RCMS सिस्टम में छेड़छाड़ कर नियत तिथि दिनांक- 22-11-2025 के स्थान पर दिनांक -07–11–2025 प्रदर्शित कर,बिना असल कंपनी आदि को कोई नोटिस जारी किए फर्जी तरीके से पूर्व कॉज लिस्ट
दिनांक-29 -10 - 2025 में वाद को बहस हेतु दर्ज कर अंसल आदि के अधिवक्ता की बहस सुनने की फर्जी कहानी बनाकर धारा 209 (ज)उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 का विधि विरुद्ध अवैध रूप से फर्जीवाड़ा व प्रशासनिक व राजस्व परिषद के न्यायिक आदेशों की अवहेलना कर प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया जबकि उस दिन वाद सूचीबद्ध ही नहीं था। सुनीलकुमार लोधी अधिवक्ता ने पत्र में लिखा कि ऐसे भ्रष्टाचारियों के कारण अधिवक्ताओं की गरिमा खत्म होती है। बार से मांग-भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों का पूर्ण बहिष्कार (Boycott) किया जाए। इनके विरुद्ध CBI / ED जांच कराकर कार्यवाही कराई जाए । भविष्य में किसी भी न्यायिक / राजस्व अधिकारी का फर्जीवाड़ा पाए जाने पर तत्काल विरोध / बहिष्कार की नीति अपनाई जाए तथा FIR दर्ज कराई जाए । विवेक कुमार सिंह उनके स्टाफ एवं अंशल कंपनी के कर्मचारियों व मालिकों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा-198, 316, 318(4), 336(3),338,340(2),217,246,247,316,236,237,239,227,228,230, 233, 255 ,61, 3 (5) की FIR / सूचना दर्ज कराई जाए । शाहजहांपुर उदाहरण भी दिया अधिवक्ता ने अपने पत्र में शाहजहांपुर के पुवायां तहसील के एक पूर्व तहसीलदार अरुण कुमार सोनकर के मामले का हवाला दिया, जिन्हें फर्जीवाड़ा कर नामांतरण आदेश जारी करने पर निलंबित किया गया और जिनके विरुद्ध FIR / सूचना दर्ज कराई गई।

वकील का सरोजनीनगर लखनऊ तहसील के नायब तहसीलदार विवेक कुमार सिंह पर अंसल कंपनी के मालिकों से करोड़ों रुपए लेकर  फर्जीवाड़ा,...
06/12/2025

वकील का सरोजनीनगर लखनऊ तहसील के नायब तहसीलदार विवेक कुमार सिंह पर अंसल कंपनी के मालिकों से करोड़ों रुपए लेकर फर्जीवाड़ा,भ्रष्टाचार कर विधि विरुद्ध फर्जी अवैध आदेश पारित करने का आरोप
तहसीलें बनी भ्रष्टाचार के अड्डे न्यायिक अधिकारी बिना न्यायालय में बैठे सुनवाई किये करते हैं मनमाने आदेश जाति विशेष के अधिकारी शासन - सरकार की फजीहत कराने में सबसे आगे
मुख्य दंडाधिकारी लखनऊ कोर्ट में FIR के लिए वाद
लखनऊ, 06 दिसंबर 2025
जनपद लखनऊ में एक बड़े भू-विवाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। हाई कोर्ट अधिवक्ता सुनील कुमार सिंह लोधी ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट, लखनऊ में एक विस्तृत प्रार्थनापत्र दाखिल कर चक्रधारी प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड, अंसल इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के पदाधिकारियों, तथा नायब तहसीलदार बिजनौर विवेक कुमार सिंह सहित कई राजस्व कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मामला- अधिवक्ता सुनील कुमार सिंह ने आरोप लगाया है कि ग्राम मुजफ्फर नगर घुसवल, परगना बिजनौर, थाना सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र की भूमि खसरा संख्या-68,177,138,112 लगभग 2 हेक्टेयर भूमि को लेकर वर्षों से सिविल एवं राजस्व न्यायालयों में विवाद लंबित है। उन्होंने बताया कि इस विवादित भूमि पर इलाहाबाद हाईकोर्ट लखनउ खंडपीठ द्वारा 11 दिसंबर 2009 को दिया गया स्टे ऑर्डर आज भी प्रभावी है।
सुनील कुमार अधिवक्ता का आरोप है कि असल कंपनी के मालिकों एवं गुंडो ने नायब तहसीलदार बिजनौर विवेक कुमार सिंह व राजस्व कर्मचारियों की मिलीभगत से वाद संख्या-टी202510460540047 चक्रधारी प्रॉपर्टीज बनाम पूर्णमासी आदि व RST/40047/2025 सुनील कुमार सिंह लोधी बनाम चक्रधारी प्रॉपर्टी वाद के कंप्यूटराइज्ड आरसीएमएस प्रणाली में व कॉज लिस्ट की तारीखों में हेरफेर कर फर्जी आदेश तैयार कराए। प्रार्थना पत्र -209 ज उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता दिनांक-16-10-2025 को दाखिल होने के बाद सुनवाई हेतु दिनांक -22-11-2025 नियत था। जिसपर अभी नोटिस तक जारी नहीं हुआ था, उसे कंप्यूटराइज्ड आरसीएमएस प्रणाली में फर्जी तरीके से छेड़छाड़ कर उसमें दिनांक-22-11-2025 के स्थान पर दिनांक-07-11-2025 को फर्जी तरीके से दर्ज कर आदेश हेतु सुरक्षित दिखाकर फर्जी बहस सुनने की कहानी दिनांक-29-10-2025 को बनाकर दिनांक -07-11-2025 को निरस्त कर दिया गया। विवेक कुमार सिंह ने दिनांक-16-09-2025 को प्रशासनिक कार्य में व्यस्त रहकर अंसल के पक्ष में बिना न्यायालय में बैठे सुनवाई किये राजस्व परिषद के आदेशों के विरुद्ध फर्जी नामांतरण आदेश पारित किया। फर्जीवाड़ा के लिए दिनांक-29-10-2025 व दिनांक -07-11-2025 की काजलिस्ट में कूटरचना से वाद को लिस्ट किया। आज विवेक कुमार सिंह जैसे भ्रष्टाचारियों के कारण प्रदेश की तहसीलें भ्रष्टाचार का अड्डा बनी हुई है। आम व्यक्ति को न्याय मिलने की उम्मीद बेमानी है । सारे फैसलें एवं छोटे से छोटा कार्य भी बिना लेन-देन के नहीं होता है। वकालत का कोई मतलब नहीं रह गया है ।
दावा उम्मीद-देखना है कि सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास ना गुंडाराज न भ्रष्टाचार का दावा करने वाले मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी एवं उनकी शासन सरकार नायब तहसीलदार विवेक कुमार सिंह पर कार्यवाही करके भ्रष्टाचार का भस्मासुर बनी तहसीलों से भ्रष्टाचार मुक्त कराने के क्रम में कठोर कार्यवाही करती है ,अथवा जाति विशेष का होने के कारण आंखें मूंद लेती है। देखने में यह भी आया है कि प्रदेश के राजस्व न्यायालय में बिना न्यायालय में बैठे ही न्यायिक अधिकारियों के द्वारा रुपए लेकर मनमानी आदेश विधि विरुद्ध राजस्व परिषद उच्च न्यायालय एवं उच्चतम न्यायालय के विरुद्ध पारित किए जाते हैं।
उच्च न्यायालय व राजस्व परिषद के आदेशों की अवहेलना का आरोप अधिवक्ता ने दावा किया है कि शासन व न्यायालय के लंबित मामलों की सूचना छुपाई गई,हाईकोर्ट के स्टे आदेश का उल्लंघन किया गया,और करोड़ों रुपये लेकर फर्जी मूल्यवान प्रतिभूति दस्तावेज कूटरचना फेर-फार कर कॉज लिस्ट तैयार किए गए।
राजनीतिक/प्रशासनिक शीर्ष पदों को भेजी शिकायतें अधिवक्ता के अनुसार उन्होंने राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री,मुख्यमंत्री,प्रमुख सचिव राजस्व,राजस्व परिषद,जिलाधिकारी,पुलिस कमिश्नर आदि को शिकायतें भेजीं,साथ ही IGRS ऑनलाइन पोर्टल (संदर्भ संख्या 40015725115189) पर भी आवेदन किया, लेकिन FIR पंजीकृत नहीं की गई। अधिवक्ता ने भारतीय न्याय संहिता-2023 की कई धारा-198, 316, 318(4), 336(3), 338, 340(2), 217, 246, 247, 236, 237, 239, 227, 228, 230, 233, 255, 61, 3(5)के तहत असल कंपनी के मालिकों एवं कर्मचारियों व नायब तहसीलदार विवेक कुमार सिंह एवं उनके पेशकार लिपिक कंप्यूटर ऑपरेटर कार्यालय सहायक सहित अन्य कर्मचारियों पर FIR दर्ज कराने का अनुरोध किया है। मामला गंभीर आरोपों से जुड़ा होने के कारण उम्मीद है कि कोर्ट जल्द ही इस पर सुनवाई करेगा।
प्रदेश के थानों की तरह तहसीलों के न्यायालय एवं कार्यालय में सीसीटीवी कैमरे लगवा कर निगरानी कर भ्रष्टाचार एवं मनमाने आदेशों पर रोक लगाई जा सकती है

लखनऊ:-अधिवक्ता ने सरोजनी नगर तहसील के नायब तहसीलदार विवेक कुमार सिंह व अंसल कंपनी के मालिकों एवं कर्मचारियों पर फर्जीवाड़...
06/12/2025

लखनऊ:-अधिवक्ता ने सरोजनी नगर तहसील के नायब तहसीलदार विवेक कुमार सिंह व अंसल कंपनी के मालिकों एवं कर्मचारियों पर फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
C J M लखनऊ कोर्ट में FIR के लिए वाद
लखनऊ, 05 दिसंबर 2025
जनपद लखनऊ में एक बड़े भू-विवाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। अधिवक्ता सुनील कुमार सिंह लोधी ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट, लखनऊ में एक विस्तृत प्रार्थनापत्र दाखिल कर चक्रधारी प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड, अंसल इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के पदाधिकारियों, तथा नायब तहसीलदार बिजनौर विवेक कुमार सिंह सहित कई राजस्व कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
क्या है मामला- अधिवक्ता सुनील कुमार सिंह ने आरोप लगाया है कि ग्राम मुजफ्फर नगर घुसवल, परगना बिजनौर, थाना सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र की लगभग 2.18 हेक्टेयर भूमि को लेकर वर्षों से सिविल एवं राजस्व न्यायालयों में विवाद लंबित है। उन्होंने बताया कि इस विवादितभूमि पर इलाहाबाद हाईकोर्ट लखनउ खंडपीठ द्वारा 11 दिसंबर 2009 को दिया गया स्टे ऑर्डर आज भी प्रभावी है।
सुनील कुमार अधिवक्ता का आरोप है कि विपक्षीगणों ने: नायब तहसीलदार बिजनौर विवेक कुमार सिंह व राजस्व कर्मचारियों की मिलीभगत से कंप्यूटराइज्ड आरसीएमएस प्रणाली में व कॉज लिस्ट की तारीखों में हेरफेर फर्जी आदेश तैयार कराए। जिस प्रार्थना पत्र पर अभी नोटिस तक जारी नहीं हुआ था, उसे भी फर्जी तरीके से सुरक्षित दिखाकर 07 नवंबर 2025 को निरस्त कर दिया गया।
उच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना का आरोप अधिवक्ता ने दावा किया है कि शासन व न्यायालय के लंबित मामलों की सूचना छुपाई गई,हाईकोर्ट के स्टे आदेश का उल्लंघन किया गया,और करोड़ों रुपये लेकर फर्जी मूल्यवान प्रतिभूति दस्तावेज कूटरचना फेर-फार कर कॉज लिस्ट तैयार किए गए।
राजनीतिक/प्रशासनिक शीर्ष पदों को भेजी शिकायतें अधिवक्ता के अनुसार उन्होंने राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री,मुख्यमंत्री,प्रमुख सचिव राजस्व,राजस्व परिषद,जिलाधिकारी,पुलिस कमिश्नर आदि को शिकायतें भेजीं,साथ ही IGRS ऑनलाइन पोर्टल (संदर्भ संख्या 40015725115189) पर भी आवेदन किया, लेकिन FIR पंजीकृत नहीं की गई।
अधिवक्ता ने भारत न्याय संहिता-2023 की कई धारा-198, 316, 318(4), 336(3), 338, 340(2), 217, 246, 247, 236, 237, 239, 227, 228, 230, 233, 255, 61, 3(5)के तहत असल कंपनी के मालिकों एवं कर्मचारियों व नायब तहसीलदार विवेक कुमार सिंह एवं उनके पेशकार लिपिक कंप्यूटर ऑपरेटर कार्यालय सहायक सहित अन्य कर्मचारियों पर FIR दर्ज कराने का अनुरोध किया है। मामला गंभीर आरोपों से जुड़ा होने के कारण उम्मीद है कि कोर्ट जल्द ही इस पर सुनवाई करेगा।

तहसील सरोजनीनगर लखनऊ में भ्रष्टाचार का बड़ा  मामला  NT विवेक कुमार सिंह पर अंशल समूह से करोड़ों रुपये लेकर हेराफेरी और फ...
14/11/2025

तहसील सरोजनीनगर लखनऊ में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला NT विवेक कुमार सिंह पर अंशल समूह से करोड़ों रुपये लेकर हेराफेरी और फर्जीवाड़ा कर आदेश करने पर जिलाधिकारी एवं पुलिस कमिश्नर ने दिया जांच कार्यवाही का आदेश
राष्ट्रपति प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री आदि को प्रार्थना पत्र प्रेषित कर दोषियों पर FIR दर्ज कराने तथा विभागीय दंडात्मक कार्यवाही, एनकाउंटर व भ्रष्टाचार से अर्जित करोड़ो रूपयो की संपत्ति की ईडी / सीबीआई जांच का किया अनुरोध

फर्जीवाड़ा कर पूर्व तहसीलदार आकृति श्रीवास्तव द्वारा आदेश पारित करने पर दोषियों पर थाना बिजनौर कमिश्नरेट लखनऊ में दर्ज है धारा- 419 / 420 / 467 /B468 / 471 की FIR-8/2024

प्रदेश के तहसील कर्मचारी भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे जनता बदहाल न्यायालयों में लगे सीसीटीवी कैमरे
सेवा में,
1-माननीय राष्ट्रपति महोदय
भारत सरकार नई दिल्ली
2-माननीय प्रधानमंत्री महोदय
भारत सरकार नई दिल्ली
3-माननीय मुख्यमंत्री महोदय
उत्तर प्रदेश सरकार लखनऊ
4-माननीय राजस्व मंत्री महोदय
उत्तर प्रदेश सरकार लखनऊ
5-श्रीमान प्रमुख सचिव राजस्व महोदय
उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ
6-माननीय अध्यक्ष राजस्व परिषद महोदय
उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद लखनऊ
7- श्रीमान मंडल युक्त महोदय
लखनऊ मंडल लखनऊ
8-श्रीमान जिलाधिकारी महोदय
जनपद लखनऊ
9-श्रीमान पुलिस आयुक्त महोदय,
कमिश्नरेट लखनऊ
10-श्रीमान पुलिस उपायुक्त महोदय,
दक्षिणी कमिश्नरेट लखनऊ
11-श्रीमान उप जिलाधिकारी महोदय
तहसील सरोजनी नगर जनपद लखनऊ
12-श्रीमान तहसीलदार महोदय
तहसील सरोजनी नगर जनपद लखनऊ
13-श्रीमान प्रभारी महोदय,थाना सुशांत गोल्फ सिटी
दक्षिणी कमिश्नरेट लखनऊ
14-श्रीमान प्रभारी महोदय,थाना बिजनौर
दक्षिणी कमिश्नरेट लखनऊ
बिषय-भृष्ट, नकारा, निरंकुश गैर जिम्मेदार विवेक कुमार सिंह नायब तहसीलदार बिजनौर तहसीलदार सरोजनी नगर थाना बिजनौर दक्षिणी कमिश्नरेट लखनऊ व उनके पेशकार,लिपिक,डेटा ऑपरेटर/फीडर द्वारा अंसल इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक प्रणव अंसल व सुशील अंसल व अध्यक्ष राजेश्वर राव,अपर महाप्रबंधक विनय तिवारी व उनके लिए काम करने वाले दबंग भूमिया विकास सिंह व तिलक राज सिंह तथा उनकी सहयोगी कंपनी चक्रधारी प्रॉपर्टीज के अधिकृत हस्ताक्षरी के0के0 सिंह सहित 20-25 अन्य सहयोगी अज्ञात साथियों से मिलकर छल-कपट,जालसाजी, धोखाधड़ी कूट रचना व अपराधिक साजिश करके करोड़ों रुपए लेकर फर्जी मूल्यवान प्रतिभूति अभिलेख / दस्तावेज तैयार कर व माननीय राजस्व परिषद लखनऊ की पूर्ण पीठ द्वारा‌ वाद संख्या-REV/3014/2014 कंप्यूटरीकृत वाद संख्या-R20141064003014 में आपत्ति का अधिकार बिषय पर पारित आदेश दिनांक-19-07-2019 कि जिसका नाम राजस्व अभिलेख खतौनी में दर्ज नहीं है उसके द्वारा वर्षों पुराने निष्पादित विक्रय विलेख के आधार पर तथा किसी न्यायालय से स्थगन आदेश पारित एवं प्रभावी होने पर दाखिल खारिज न किया जाए के विरुद्ध व माननीय उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालय के द्वारा प्रतिपादित की गई विधि व्यवस्थाओं के विरुद्ध वाद संख्या-27850/2025 कम्प्यूटरीकृत वाद संख्या टी-202510460577850 चक्रधारी प्रॉपर्टीज बनाम पूर्णमासी आदि अन्तर्गत धारा 34 / 35 उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 में दिनांक -16-09-2025 को विवेक कुमार सिंह द्वारा न्यायिक कार्य से विरक्त होकर प्रशासनिक कार्य में व्यस्त रहने के बावजूद मूल्यवान फर्जी अवैध न्यायिक आदेश दिनांक -16-09-2025 पारित करने व उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रणाली (आर0सी0एम0एस0) को अवैध रूप से संचालित कर उसमें पूर्व से निर्धारित तिथि -22-11-2025 को आदेश हेतु सुरक्षित दिनांक-07-11-2025 दर्ज कर तथा न्यायालय की मूल्यवान प्रतिभूति कॉजलिस्ट में दिनांक-29-10-2025 में कूटरचना से वाद को दर्जकर एवं सुरक्षित दर्ज कर तथा फर्जीवाड़ा से असल इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड व चक्रधारी प्रॉपर्टीज की आपत्ति दर्शाकर माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद खंडपीठ लखनऊ में उपरोक्त याचिका संख्या -6873 / 2009 में स्थगन आदेश दिनांक -11-11-2009 प्रवर्तनी नहीं होने व उपरोक्त रिट याचिका भी निरस्त होने की फर्जी कहानी बनाकर आदेश दिनांक 07-11-2025 पारित करने पर थाना सुशांत गोल्फ सिटी / थाना बिजनौर दक्षिणी कमिश्नरेट लखनऊ में प्राथमिकी दर्ज करवाने के साथ विभागीय दंडात्मक कार्यवाही करवाकर दंडित कराये जाने व एनकाउंटर कराए जाने व नायब तहसीलदार बिजनौर विवेक कुमार सिंह द्वारा भ्रष्टाचार पूर्वक अर्जित की गई अकूत संपत्ति की जांच ई0डी0 / सी0बी0आई0 से कराए जाने हेतु।
सरोजनीनगर तहसील में कार्यरत नायब तहसीलदार विवेक कुमार सिंह पर गंभीर भ्रष्टाचार, फर्जीवाड़ा और न्यायिक आदेशों की अवमानना के आरोप लगे हैं।

अधिवक्ता सुनील कुमार लोधी द्वारा लगाए गए इन आरोपों ने तहसील प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है।

अधिवक्ता लोधी ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री सहित कई उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर एफआईआर दर्ज कराने, विभागीय दंडात्मक कार्रवाई, तथा विवेक कुमार सिंह की अवैध संपत्ति की ईडी/सीबीआई जांच की मांग की है।

सुनील कुमार लोधी अधिवक्ता -9415635373 उच्च न्यायालय लखनऊ के प्रेषित पत्र के अनुसार उनकी भूमि खसरा संख्या- 68 / 0.3160 हे0,112/0.9760 हे0, 138/0. 1770 हे0 व 177/0.7120 हे0 कुल 4 किता कुल रकबा 2.1810 हेo स्थित ग्राम- मुजफ्फर नगर घुसवल, परगना बिजनौर थाना सुशांत गोल्फ सिटी तहसील सरोजनीनगर जनपद लखनऊ के स्वामित्व को लेकर प्रार्थी आदि व अंसल इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड व चक्रधारी प्रॉपर्टीज आदि के मध्य माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद खंडपीठ लखनऊ के समक्ष याचिका संख्या WRIT-C(WRIC)-1006873 OF 2009 में माननीय न्यायालय ने दिनांक -11-12-2009 को अपर आयुक्त प्रशासन लखनऊ मंडल लखनऊ के आदेश दिनांक -03-03-2009 को स्थगित कर दिया जो आज भी प्रभावी है तथा अंतिम आदेश हेतु याचिका लंबित है ।
उक्त भूमि के संबंध में सिविल न्यायालय लखनऊ मे पुराना मूल वाद संख्या- 7500545 / 2006 व नया मूल वाद संख्या - 81 / 2016 व न्यायालय तहसीलदार न्यायिक सरोजनी नगर के यहां पुराना वाद संख्या- RST / 16300 कंप्यूटरीकृत वाद संख्या-T202310460516300 गौरी शंकर बनाम गांव सभा व पुराना वाद संख्या- RST / 16300 कंप्यूटरीकृत वाद संख्या-T202310460516301 विमला बनाम गांव सभा धारा-34 उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता -2006 लंबित है जिसकी सुनवाई की नियत तिथि-29-11-2025 है
उक्त भूमि का दिनांक-14-06-2006 को चक्रधारी प्रॉपर्टीज के पक्ष में उक्त भूमि का अनाधिकार फर्जी विक्रय विलेख निष्पादित करने वाले गंगाराम एवं कृष्णावती की मृत्यु लगभग 10 वर्ष पूर्व हो गई है।


अंशल इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक प्रणव अंसल व अध्यक्ष राजेश्वर राव,अपर महाप्रबंधक विनय तिवारी व सुशील अंसल व उनके लिए काम करने वाले दबंग भूमिया विकास सिंह व तिलक राज सिंह तथा उनकी सहयोगी कंपनी चक्रधारी प्रॉपर्टीज के अधिकृत हस्ताक्षरी के0के0 सिंह सहित 20-25 अन्य सहयोगी अज्ञात साथियों ने भृष्ट, नकारा, निरंकुश गैर जिम्मेदार विवेक कुमार सिंह नायब तहसीलदार बिजनौर तहसीलदार सरोजनी नगर थाना बिजनौर दक्षिणी कमिश्नरेट लखनऊ व उनके पेशकार,लिपिक,डेटा ऑपरेटर/फीडर के साथ मिलकर छल-कपट,जालसाजी, धोखाधड़ी कूट रचना व अपराधिक साजिश करके जानबूझकर माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद खंडपीठ लखनऊ द्वारा पारित / प्रभावी स्थगन आदेश दिनांक-11-11-2009 व सिविल न्यायालय में तथा न्यायिक तहसीलदार सरोजनी नगर लखनऊ न्यायालय में लंबित उक्त वाद की बात छुपाकर माननीय राजस्व परिषद लखनऊ की पूर्ण पीठ द्वारा‌ वाद संख्या-REV/3014/2014 कंप्यूटरीकृत वाद संख्या-R20141064003014 में आपत्ति का अधिकार बिषय पर पारित आदेश दिनांक-19-07-2019 कि जिसका नाम राजस्व अभिलेख खतौनी में दर्ज नहीं है उसके द्वारा वर्षों पुराने निष्पादित विक्रय विलेख के आधार पर तथा किसी न्यायालय से स्थगन आदेश पारित एवं प्रभावी होने पर दाखिल खारिज न किया जाए के विरुद्ध व माननीय उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालय के द्वारा प्रतिपादित की गई विधि व्यवस्थाओं के विरुद्ध वाद संख्या-27850 / 2025 कम्प्यूटरीकृत वाद संख्या टी-202510460577850 चक्रधारी प्रॉपर्टीज बनाम पूर्णमासी आदि अन्तर्गत धारा 34 / 35 उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 में दिनांक -16-09-2025 को नायब तहसीलदार बिजनौर तहसील सरोजनी नगर जनपद लखनऊ से न्यायिक कार्य से विरक्त होकर प्रशासनिक कार्य में व्यस्त रहने के बावजूद मूल्यवान फर्जी अवैध न्यायिक आदेश दिनांक -16-09-2025 पारित करवाया ।


दिनांक-17-10-2025 को सुनील कुमार सिंह लोधी अधिवक्ता ने विपक्षी विवेक कुमार सिंह न्यायालय नायब तहसीलदार बिजनौर तहसील सरोजनीनगर जनपद लखनऊ के समक्ष एक पक्षीय आदेश दिनांक -16-09-2025 को रिकाल / निरस्त करने हेतु अंतर्गत धारा:- 209 (ज), अधिनियम: उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 प्रेषित किया जो वाद संख्या:-आरएसटी/ 40047 /2025कंप्यूटरीकृत वाद संख्या :- टी202510460540047 सुनील कुमार सिंह लोधी बनाम चक्रधारी प्रापर्टीज अंतर्गत धारा 209 (ज) उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता -2006 पंजीकृत कर सुनवाई की तिथि-22-11-2025 नियत की गई थी ।
उक्त अंसल इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड व चक्रधारी प्रॉपर्टीज को नोटिस सूचना हेतु कोई भी आदेश पारित नहीं हुआ था। उनको कोई सूचना नहीं थी।


भृष्ट, नकारा, निरंकुश गैर जिम्मेदार विवेक कुमार सिंह नायब तहसीलदार बिजनौर तहसीलदार सरोजनी नगर थाना बिजनौर दक्षिणी कमिश्नरेट लखनऊ व उनके पेशकार,लिपिक,डेटा ऑपरेटर/फीडर द्वारा अंसल इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक प्रणव अंसल व सुशील अंसल व अध्यक्ष राजेश्वर राव,अपर महाप्रबंधक विनय तिवारी व उनके लिए काम करने वाले दबंग भूमिया विकास सिंह व तिलक राज सिंह तथा उनकी सहयोगी कंपनी चक्रधारी प्रॉपर्टीज के अधिकृत हस्ताक्षरी के0के0 सिंह सहित 20-25 अन्य सहयोगी अज्ञात साथियों से मिलकर छल-कपट,जालसाजी, धोखाधड़ी कूट रचना व अपराधिक साजिश करके करोड़ों रुपए लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रणाली (आर0सी0एम0एस0) को अवैध रूप से संचालित कर उसमें पूर्व से निर्धारित तिथि -22-11-2025 को आदेश हेतु सुरक्षित दिनांक-07-11-2025 दर्ज कर तथा न्यायालय की मूल्यवान कॉजलिस्ट दिनांक-29-10-2025 में कूटरचना से वाद को दर्जकर एवं सुरक्षित दर्ज कर कूटरचित फर्जी मूल्यवान फर्जी कॉजलिस्ट तैयार कर तथा फर्जीवाड़ा से असल इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड व चक्रधारी प्रॉपर्टीज की आपत्ति दर्शाकर माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद खंडपीठ लखनऊ में उपरोक्त याचिका संख्या -6873 / 2009 में स्थगन आदेश दिनांक -11-11-2009 प्रवर्तनी नहीं होने व उपरोक्त रिट याचिका भी निरस्त होने की फर्जी कहानी बनाकर आदेश दिनांक 07-11-2025 से प्रार्थना पत्र अंतर्गत धारा 209 (ज) उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता -2006 निरस्त कर दिया है।
प्रार्थना पत्र के अनुसार उपरोक्तों के द्वारा किया गया अपराध भारतीय न्याय संहिता की धारा-198,316,318(4),336(3),338,340(2),217,246,247,316,236,237,239,227,228,230,233,255,61, 3(5)का गंभीर अपराध है।
ई0डी0 / सीबीआई जांच के बाद यह साबित हो जाएगा कि विवेक कुमार सिंह ने ने भ्रष्टाचार करके करोड़ोंं रूपयों की संपत्ति अर्जित कर भ्रष्टाचार व अपराध के मामले में कानपुर के अधिवक्ता अखिलेश दुबे व 100 करोड़ रूपयो की संपति अर्जित करने वाले डी0एस0पी0 ऋषिकांत शुक्ला को काफी पीछे छोड़ दिया है।
सुनील कुमार लोधी अधिवक्ता द्वारा मुख्य रूप से राष्ट्रपति प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री आदि को प्रार्थना पत्र प्रेषित कर वास्तविक रूप से धरातल पर सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास ना गुंडाराज न भ्रष्टाचार को उतार कर दोषियों पर FIR दर्ज कराने तथा विभागीय दंडात्मक कार्यवाही व विवेक सिंह द्वारा भ्रष्टाचार से अर्जित करोड़ रूपयो की संपत्ति की ईडी / सीबीआई जांच का अनुरोध किया है।
पूर्व में आकृति श्रीवास्तव तहसीलदार सरोजनी नगर द्वारा आदेश पारित करने पर सुनील कुमार सिंह लोधी अधिवक्ता द्वारा थाना बिजनौर कमिश्नरेट लखनऊ में FIR -0008/2024 धारा -419/420/467/468/471 भारतीय दंड संहिता दर्ज कराई गई जिसकी विवेचना आर्थिक अपराध शाखा महानगर लखनऊ में लंबित है।
तहसील में मचा हड़कंप, अधिवक्ताओं में रोष
इस पूरे मामले के उजागर होने के बाद सरोजनीनगर तहसील के कर्मचारियों और अधिवक्ताओं में आक्रोश व्याप्त है।
अधिवक्ताओं का कहना है कि तहसील में भ्रष्टाचार चरम पर है और प्रशासन को इस प्रकरण की तत्काल उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए।

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