27/11/2023
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रात को गहरी नींद मे एक सपने देखा
जिसमे मै बाज़ार पहुँच गई
और एक दूकान देखी जिस पर लिखा था -
"यहाँ हर तरह के सपने मिलते है "
मेरे पैर वही ठिठक गए ,
मै रुकी और दुकानार से पूंछा -
"भाई साहब !
आप की दुकान मै कौन कौन से सपने मिलते है ?
इस पर दुकानदार बोला-
"सभी तरह के -सुखी रहने के ,
कुछ इच्छा पूरी करने के ,
अमीर बनने के ,
यहाँ तक की किसी को अपना बनाने
के सपने भी मिलते है ,
आप को कौन सा सपना चाहिए ?
मैने कहा -
"मुझे तो खुद को अपना बनाने का
सपना खरीदना है ,
क्या वो है ?
इस पर उसने आश्चर्य से मुझे देखा
और कहा -
"क्या आप खुद की नहीं है ?
मेरी आँखों मे आंसू आ गए मैने कहा -
"नहीं मेरी जिन्दगी के हर हिस्से पर
किसी न किसी का नाम लिखा है ,
कहने को ये मेरी है
पर इसमे मेरा कुछ भी नहीं है ,
मै खुद की होना चाहती हूँ ,
जिन्दगी के ये चंद साल मै
खुद के साथ खुद के लिए जीना चाहती हूँ
इस पर वह बोला -
"नहीं जी ऐसा कोई सपना आज तक नहीं बना
जिसमे कोई नारी खुद के लिए जीने का
सपना देख सके
तभी पीछे से आवाज़ आई -
"जो हकीकत मे संभव है वो
सपने नहीं मिलते "
मैंने मुड़कर देखा शांत भाव लिए हुए
एक सज्जन पुरुष खड़े थे |
मैने उन से मुखातिब होकर कहा -
"क्या ये हकीकत मे संभव है"?
इस पर उन्होंने कहा -
"दुनिया मे कौन सा काम असंभव है ?
इसके लिए तुम्हें सपना नहीं खरीदना है
बल्कि अपने भीतर आत्मविश्वास पैदा करना है ,
सकारात्मक सोच रखनी है ,
यदि सोच सकारात्मक होगी तो
मन मे वैसे ही विचार आयेंगे
तब दिमाग भी उसी दिशा मे काम करेगा "
मैने पुछा -
"क्या उम्र के इस पड़ाव पर मुझमे
आत्मविश्वास पैदा हो सकेगा"?
इस पर वो बोले -"क्यों नहीं ?
देखो आत्मविश्वास के जरिये ही मनुष्य
बिना पंखों के उड़ सकता है ,
तैर सकता है ,अर्थात आत्मविश्वास के
जरिये हम हर काम संभव बना सकते है
यदि तुम मे आत्मविश्वास है तो तुम तन से
भले ही वृद्ध हो जाओ मन से सदा युवा रहोगी ,
और यदि नकारात्मक सोच होगी तो
युवा भी बूढ़े हो जायेंगे "
और तभी मेरी आँख खुल गई
मैने देखा सुबह हो चुकी थी ,
यूँ तो हर रोज़ सुबह होती थी पर आज की
सुबह मेरी जिन्दगी मे खुशियाँ लेकर आई थी ,
भले ही वो सपना था पर वो शख्स मुझ मे
एक नई उम्मीद जगा कर गया था ,
उस ने मुझे मेरे अस्तित्व की पहचान करवा दी थी
मै जान गई हूँ मेरा भी अपना अस्तित्व है ,
मुझे विश्वास है अब मै अपनी पहचान बनाउंगी ...
मैनेआज खुद को पा लिया है ,
अब मुझे साबित करना है कि मेरा अपना
अस्तित्व है मेरी खुद कि पहचान है ,
मुझे किसी के नाम या सहारे कि जरूरत नहीं .......
अरशिता