28/09/2023
कुंआ ठाकुर का ... फिर भी आज तक जिंदा होकर चीख कर ठाकुर को गालियां देते हो तो यह जिंदगी और आवाज भी ठाकुर की ही है, उस ठाकुर की , जिसके लहू से रक्त तलैया खणमौर हल्दीघाटी बनी, जिसके रक्त से पानीपत, तराईन, से लेकर पूरे भारत की धरती लाल हुई .... अगर ठाकुर नहीं होता तो आज कहीं किसी पाकिस्तान में या अरब कुवेत में अपनी और अपनी..... सप्लाई कर रहे होते और चमड़े के जहाजों का कारोबार कर रहे होते , ठाकुरों को गरियाने कोसने लायक नहीं रहते, भारत का इतिहास ठाकुर ने अपने खून से लिखा है , तुम तो केवल उसे पढ़ कर और उस पर टीका टिप्पणी कर महान बनने की कोशिश करते हो अरे बेवकूफ ... केवल कुंआ और खेत ही ठाकुर का नही़ है , ये जो पूरा भारत देश है, ये पूरा देश ही ठाकुर का है, ये सारी नदी तालाब , झीलें ये सब ही ठाकुर का है , यहां से लेकर समूची पृथ्वी पर राज भी ठाकुर का ही था , वरना खुल कर बोल ..... अठारह पुराण , सारे उपनिषद , महाभारत , गीता और रामायण , रामचरित मानस सब झूठे और फर्जी हैं, भगवान राम का कुंआ , श्रीकृष्ण भगवान का कुआ ... ठाकुर के कुंए कहलाते हैं , और जहां ठाकुर का कुआ है , वहां क्या कहना , सीधा आरोप भगवान राम और श्रीकृष्ण पर ही लगा दिया , जब भी पहला भोग लगेगा..... बेट्टा ठाकुर जी का ही लगेगा , शंख बजेगा तो केवल ठाकुर जी का ही बजेगा , जब जब संकट आयेगा तब तब लोग ठाकुर जी की ही शरण में आयेंगें , जब जब जयकारे लगेंगें , लोग ठाकुर जी की ही जय बोलेंगें और हमेशा कहे़गें ...... तेरा तुझको अर्पण ..... क्या लागे मेरा .... और ठाकुर हमेशा कहेगा ..... पत्रं पुष्पं फलं तोयं ..... अरे यार जहा़ जहां जो भी किला है , राजमहल है ..... सब ठाकुर का ही है , जिसे देखने की कमाई के टुकड़ों पर पलकर उनके मालिकों को कोसते गरियाते हो, अरे भाई कुत्ता भी एक टुकड़े रोटी की खातिर पूंछ हिला देता है , आदमी होकर नमक हरामी मत करो यार ..... आज भी देश ठाकुर का , खेत ठाकुर का ही है ... नरेन्द्र सिंह तोमर " आनंद" एडवोकेट, मुरैना ।