16/04/2026
मुलताई नगर पालिका में अध्यक्ष पद का मामला अब प्रशासनिक तानाशाही की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है।
माननीय उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद आज तक अध्यक्ष पद का प्रभार न दिया जाना सीधे-सीधे लोकतंत्र और न्यायपालिका की अवहेलना है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के गृह जिले में ही इस तरह की प्रशासनिक तानाशाही आखिर क्यों?
क्या अधिकारी सत्ता में बैठे हुक्मरानों के दबाव में काम कर रहे हैं?
श्रीमती नीतू परमार द्वारा नवागत कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर न्याय की मांग की गई, लेकिन सवाल अभी भी बरकरार है—
क्या कानून से ऊपर सत्ता का दबाव है?
क्या भाजपा शासन में न्याय केवल कागजों तक सीमित रह गया है?
जनता सब देख रही है, और जवाब भी मांगेगी।