16/02/2026
पंचायत चुनाव के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन जल्द, हाई कोर्ट में सरकार का जवाब, देखे पूरी रिपोर्ट
लखनऊ:प्रदेश में आगामी पंचायत चुनावों को लेकर सरकार ने तैयारी तेज कर दी है। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ को राज्य सरकार ने सूचित किया है कि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आयोग के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जस्टिस राजन राय और जस्टिस ए.के. चौधरी की पीठ के समक्ष दाखिल जवाब के बाद कोर्ट ने जनहित याचिका को निस्तारित कर दिया। माना जा रहा है कि अब सरकार पर आयोग का गठन शीघ्र करने का दबाव बढ़ गया है। यदि गठन में देरी हुई तो पुनः हाई कोर्ट में नई याचिकाएं दायर की जा सकती हैं।
दरअसल, आयोग का कार्यकाल लगभग पांच महीने पहले समाप्त हो चुका था। इसी को लेकर जनहित याचिका दाखिल कर सरकार को आयोग के पुनर्गठन का निर्देश देने की मांग की गई थी। सरकार की ओर से बताया गया कि गठन की प्रक्रिया जारी है, जिसके बाद कोर्ट ने याचिका में कुछ शेष न रहने के आधार पर उसे समाप्त कर दिया।
पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा है कि हाई कोर्ट के आदेश का पूर्ण पालन किया जाएगा।
जून में जारी हो सकती है चुनाव अधिसूचना
जानकारों का कहना है कि यदि फरवरी में आयोग का गठन कर दिया जाता है तो जून तक चुनाव की अधिसूचना जारी की जा सकती है। आयोग को रिपोर्ट देने में लगभग दो महीने, सीटों के आरक्षण निर्धारण में एक महीना और राज्य निर्वाचन आयोग को चुनाव प्रक्रिया पूरी करने में कम से कम 35 दिन का समय लगेगा। ऐसे में जून तक चुनाव संभव माने जा रहे हैं, हालांकि समय पर चुनाव होना फिलहाल मुश्किल नजर आ रहा है।
पूर्व में नगरीय निकाय चुनावों में देरी को लेकर सर्वोच्च अदालत का कड़ा रुख सामने आ चुका है, इसलिए सरकार इस बार लंबी देरी के जोखिम से बचना चाहेगी।
पिछली बार मार्च में जारी हुई थी अधिसूचना
वर्ष 2021 में राज्य निर्वाचन आयोग ने 26 मार्च को पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी की थी। अप्रैल में चार चरणों में मतदान संपन्न हुए थे, जबकि 26 मई को ग्राम पंचायतों की पहली बैठक हुई थी। क्षेत्र एवं जिला पंचायत के चुनाव जून-जुलाई में कराए गए थे।
अब सबकी नजर आयोग के गठन और चुनाव की संभावित तारीखों पर टिकी हुई है।