18/11/2021
सोने से पहले इस फोटो को अपने जहन में बैठा लो. सोचो कि पूरे देश को जाति, धर्म और राष्ट्रवाद में उलझाकर, एक-दूसरे को गंदी से गंदी बातें बोलने के बाद ये नेता सब मिल जाते हैं. इनके लिए ऐसा करना आसान होता है लेकिन इनके जो समर्थक इनके लिए अपने खास दोस्तों से रिश्ता तोड़ लेते हैं. उनके लिए फिर से जुड़ना आसान नहीं होता.
मायावती से अखिलेश मिलें या महबूबा मुफ़्ती से नरेंद्र मोदी. राजनीति में आपके सामने और पर्दे के पीछे बहुत बड़ा खेल होता रहता है. ...तो इतना ही कहेंगे कि कभी भी, भूलकर भी राजनीति के चक्कर में आपसी रिश्ते खराब न करें. नेता की कोई जात, धर्म, ईमान नहीं होता है. सबका सिर्फ एक लक्ष्य है और वो है सत्ता.😊 #शुभ_रात्रि