14/09/2026
कुछ यूँ सीना चौड़ा था अतीत का,
जब हिन्दी का ही सिर्फ चलन था।
आज मिलावटी विचारो ने,
अंतःकरण को खोखला कर रखा हैं,
और अतीत के नाम पर,
भविष्य को अंधकारमय कर दिया हैं।
फिर भी, हिंदी की गाथा अनमोल हैं,
जब भी भारत माँ की बाते होंगी,
हिंदी में ही उनकी व्याख्या पूर्ण होगी।
~ हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।