18/03/2018
सकरा में साक्षरता प्रखंड समन्वयक को तीन घंटे बनाया बंधक।
सकरा प्रखंड के क्लोनी मध्य विद्यालय स्थित लोक शिक्षा समिति कार्यालय में शनिवार को बुनियादी साक्षरता महापरीक्षा को लेकर बैठक हुई। इसमें साक्षरता प्रेरकों ने जमकर हंगामा किया। वे 18 माह से मानदेय नहीं मिलने व अन्य मांगों को लेकर आक्रोशित थे। इस दौरान उन्होंने साक्षरता प्रखंड समन्वयक मनोज कुमार पासवान को उनके ही कक्ष में बंदकर करीब तीन घंटे तक बंधक बनाए रखा।
यही नहीं, प्रेरकों ने उनके कक्ष के बाहर धरना भी दिया। वहीं, साक्षरता अभियान के चीफ रिर्सोस पर्सन (केआरपी) फिर बैठक से गायब रहे। उनकी जगह प्रखंड समन्वयक बैठक लेने आए थे। प्रखंड प्रेरक संघ सकरा के अध्यक्ष दयानंद कुमार ने बताया कि साक्षरता प्रेरकों का मानदेय 18 माह से लंबित है। वहीं, टीएलएम की राशि नौ हजार व आठ हजार दो सौ रुपये का भी भुगतान नहीं किया जा रहा है। बताया कि साक्षरता महापरीक्षा के दौरान केआरपी की मनमानी चलती है। वह कार्यालय की जगह बाजार और स्टेशनों से ही कॉपी का वितरण कर कागजी खानापूर्ति करते हैं। इससे प्रेरक काफी आक्रोशित थे।
वहीं, प्रखंड समन्वयक को बंधक बनाए जाने की सूचना पर बिहार प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिला महासचिव हिमांशु शेखर मौके पर पहुंचे और प्रेरकों को समझा बुझाकर शांत किया। वहीं, मोबाइल से जिला शिक्षा पदाधिकारी व जिला लेखा समन्वयक से बातचीत कर दो दिन में समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। इसपर प्रेरकों ने करीब तीन घंटे बाद प्रखंड समन्वयक को मुक्त किया। उधर, प्रखंड साक्षरता समन्वयक मनोज कुमार ने बताया कि आक्रोशित प्रेरकों ने उन्हें तीन घंटे तक बंधक बनाए रखा। वे मानदेय का भुगतान नहीं होने से आक्रोशत थे, जो जिला स्तर का मामला है।