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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट करते हुए लिखा, "ईरान के लिए घड़ी की टिक-टिक शुरू हो चुकी है, औ...
19/05/2026

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट करते हुए लिखा, "ईरान के लिए घड़ी की टिक-टिक शुरू हो चुकी है, और बेहतर होगा कि वे फौरन हरकत में आएं—बहुत तेजी से—वरना उनका कुछ भी बाकी नहीं बचेगा। समय ही सबसे महत्वपूर्ण है।"

पूर्व सांसद और बाहुबली नेता आनंद मोहन ने JDU के खिलाफ बागी रुख अख्तियार कर लिया है। सम्राट सरकार के मंत्रियों के शपथ ग्र...
19/05/2026

पूर्व सांसद और बाहुबली नेता आनंद मोहन ने JDU के खिलाफ बागी रुख अख्तियार कर लिया है। सम्राट सरकार के मंत्रियों के शपथ ग्रहण के 10 दिन बाद उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की है। JDU की टॉप लीडरशिप पर आरोप लगाते हुए कहा, ‘पार्टी की चंडाल चौकड़ी ने JDU का सफाया कर दिया है। इन्होंने नीतीश कुमार को जिंदा दफन कर दिया है।'

आनंद मोहन के बयान के बाद JDU ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी नेताओं ने कहा है, ‘आनंद मोहन पार्टी से जुड़े हुए नहीं हैं। उनकी पत्नी और बेटे का JDU से जुड़ाव है। नीतीश कुमार के कारण ही ये जेल से निकले हैं। अब JDU के खिलाफ उल्टा-सीधा बोल रहे हैं।’

ऐसे में सवाल है कि क्या केवल बेटे चेतन आनंद को सम्राट सरकार में मंत्री नहीं बनाने से आनंद मोहन नाराज हैं? जवाब है नहीं। मामला केवल मंत्री नहीं बनाने भर तक सीमित नहीं है। JDU के खिलाफ आनंद मोहन का लहजा तल्ख होने का सबसे बड़ा कारण शिवहर की विधायक श्वेता गुप्ता को मंत्री बनाना है। हमने आनंद मोहन के करीबियों से बात कर इसे समझा।

आनंद मोहन को डर, उनकी सियासत को किनारे लगाने की कोशिश

दरअसल, सियासत का सूखा देखने और 16 साल जेल में गुजारने के बाद आनंद मोहन ने लंबे अर्से के संघर्ष के बाद पॉलिटिक्स में अपनी बुलंदी दोबारा कायम की है। 2024 के लोकसभा चुनाव में वे न केवल पुरानी लोकसभा सीट शिवहर को हासिल करने में कामयाब रहे, बल्कि अपनी पत्नी लवली आनंद को सांसद बनाने में सफल रहे।

आनंद मोहन को आशंका, शिवहर से उन्हें दूर करने की तैयारी

दरअसल, आनंद मोहन को अब इस बात की आशंका हो गई है कि नीतीश कुमार के सियासी तौर पर संन्यास लेने के बाद JDU आलाकमान उन्हें शिवहर की सियासत से किनारे करने की तैयारी में जुट गया है। इसे दो कारण से समझिए-

बेटे चेतन आनंद की सिटिंग सीट बदल दी

लवली आनंद के शिवहर से सांसद बनने के बाद आनंद मोहन को सबसे बड़ा झटका तब लगा जब शिवहर से सिटिंग विधायक उनके बेटे चेतन आनंद की सीट बदल दी गई। विधानसभा चुनाव में उन्हें शिवहर से हटाकर औरंगाबाद के नवीनगर भेज दिया गया। जबकि चेतन आनंद ने 5 साल तक शिवहर में तैयारी की थी। औरंगाबाद में उन्हें कड़ा संघर्ष करना पड़ा। मुकाबला इतना कड़ा हो गया कि वे मात्र 112 वोट से जीत पाए।

शिवहर से पहली बार विधायक बनीं श्वेता गुप्ता को मंत्री पद

आनंद मोहन को दूसरा झटका तब लगा जब पॉलिटिक्स में मात्र एक साल पुरानी और पहली बार विधायक बनीं श्वेता गुप्ता को सम्राट कैबिनेट में मंत्री बना दिया गया। यह आनंद मोहन के लिए सबसे बड़ा झटका था।

नए विधायकों के मंत्री बनने की रेस में सबसे आगे चेतन आनंद का नाम चल रहा था। आनंद मोहन भी इस बात की डिमांड कर चुके थे। आनंद मोहन बार-बार इस बात का तर्क दे रहे थे कि 2024 में जब नीतीश सरकार को बचाने की जरुरत थी तब चेतन आनंद ने राजद का साथ छोड़ JDU का दामन थामा था। लेकिन चेतन को नजरअंदाज कर श्वेता को तवज्जो दिया गया।

श्वेता का कद बढ़ने से शिवहर की सियासत बदलने का संकेत

आनंद मोहन को चेतन के मंत्री नहीं बनने से ज्यादा खतरा श्वेता के कद बढ़ने से सता रहा है। दरअसल बिहार के सबसे छोटे जिले शिवहर में लोकसभा की मात्र एक सीट है। यहां राजपूत जाति का दबदबा रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि अब तक यहां से 10 सांसद बने हैं। इसमें 7 राजपूत जाति से रहे हैं। दो वैश्य और एक मुस्लिम सांसद बने हैं। जातीय समीकरण के लिहाज से देखें तो शिवहर की राजनीति में हार और जीत दो जातियों (राजपूत और वैश्य) के तालमेल से तय होता है। इसके साथ मुस्लिम-यादव वोटों के संतुलन को साधना होता है।

शिवहर में हार-जीत केवल एक जिले की सियासत से तय नहीं होती है। इसमें 6 विधानसभा क्षेत्र आते हैं, जो तीन पड़ोसी जिलों से मिलकर बनी है। इसमें सीतामढ़ी का रीगा और बेलसंड। पूर्वी चंपारण का मधुबन, चिरैया और ढाका। जबकि शिवहर जिले में शिवहर विधानसभा क्षेत्र शामिल है।

15 साल बाद राजपूत लौटे, फिर से वैश्य को बढ़ाने की तैयारी

2009 से 2019 पिछले तीन बार से लगातार शिवहर सीट से रमा देवी जीतती रहीं थी। वह वैश्य/कलवार जाति से ताल्लुक रखती हैं। 2024 में JDU ने सीतामढ़ी और शिवहर के जातीय समीकरण में उलटफेर की।

पीएम मोदी के ऐलान को चुनौती, कोल्हापुर में दामाद के लिए बनाई गई डेढ़ किलो की चांदी की चप्पल....
19/05/2026

पीएम मोदी के ऐलान को चुनौती, कोल्हापुर में दामाद के लिए बनाई गई डेढ़ किलो की चांदी की चप्पल....

सरकार आपसे 16500 करोड़ वसूलने जा रही है। बिहार में बालू की कीमत बढने वाली है। जिससे घर बनाना महंगा हो सकता है। जमीन का स...
19/05/2026

सरकार आपसे 16500 करोड़ वसूलने जा रही है। बिहार में बालू की कीमत बढने वाली है। जिससे घर बनाना महंगा हो सकता है।

जमीन का सर्किल रेट भी 3-4 गुना बढ़ने जा रहा है। अब सम्राट सरकार ने 8 साल पहले के नीतीश कमार के फैसले को पलटते हए स्टेट हाईवे पर भी टोल टैक्स वसूलने का फैसला किया है।

यह सब मफ्त बिजली, जीविका दीदियों को 2 लाख रुपए, 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को 1100 रुपए महीने पेंशन,

जैसी कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च के लिए पैसे जुटाने को लेकर किया जा रहा है।

सासाराम में सासाराम-आरा-पटना पैैसेंजर (ट्रेन नंबर 53212) में सोमवार को अचानक आग लग गई। आग ट्रेन की जनरल बोगी D3 में लगी ...
18/05/2026

सासाराम में सासाराम-आरा-पटना पैैसेंजर (ट्रेन नंबर 53212) में सोमवार को अचानक आग लग गई। आग ट्रेन की जनरल बोगी D3 में लगी थी। इसके बाद बोगी से धुआं और लपटें उठने लगीं।

घटना के समय ट्रेन 6 नंबर प्लेटफॉर्म पर खड़ी थी। आग लगते ही यात्रियों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए जल्दबाजी में ट्रेन से उतरने लगे। कई यात्री अपना सामान छोड़कर प्लेटफॉर्म की ओर भागे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले कोच के अंदर से तेज जलने की गंध महसूस हुई। इसके बाद बोगी के भीतर धुआं भरने लगा और आग की लपटें दिखाई दीं।

कल यानी रविवार को त्रिवेंद्रम से हजरत निजामुद्दीन (दिल्ली) जा रही राजधानी एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 12431) में आग लगी थी। आग ट्रेनएसी कोच बी-1 में आलोट के पास लूणी रीछा-विक्रमगढ़ स्टेशन के बीच सुबह करीब 5:15 बजे लगी थी।

कलाकार और पत्रकार दोनों में अब कोई अंतर बाकी नहीं रहा गया है। अब ईनो दोनों अदाकारी सीख ली है।इसका जीता जागता नेटफ्लिक्स ...
18/05/2026

कलाकार और पत्रकार दोनों में अब कोई अंतर बाकी नहीं रहा गया है। अब ईनो दोनों अदाकारी सीख ली है।
इसका जीता जागता नेटफ्लिक्स पर हुई रिलीज सौरभ द्विवेदी की फिल्म तो आपने देख ही ली होगी।

फिल्म कुछ खास नहीं है बस द्विवेदी जो को फिल्म में अपनी अदाकारी दिखानी थी सो दिखा दिया। मगर इस अदाकारी में वो विलेन के रूप में बौवा ही दिखे बाद बाकी आगे आप भी फिल्म जरूर देखें। सैफलि खान ने एकदम दमदार रोल किया है।

जावेद 2024 में मुझे भगाकर ले गया था। शादी का झांसा देकर दिल्ली ले गया और कहा कि मैं तुमसे शादी करूंगा। कई बार शारीरिक सं...
17/05/2026

जावेद 2024 में मुझे भगाकर ले गया था। शादी का झांसा देकर दिल्ली ले गया और कहा कि मैं तुमसे शादी करूंगा। कई बार शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद मैं प्रग्नेंट हो गई। जब मैं 5 महीने की प्रेग्नेंट थी तो जावेद ने मुझसे कहा कि तुम घर चली जाओ, बाबू होगा तो शादी करेंगे।

अब तो बच्चा भी हो गया। जावेद गांव आया हुआ था, तब उसने बोला कि पूरी खबर कमेंट सेक्शन में जाकर पढ़े....

लीगल मामलों को रिपोर्ट करने वालीं वेबसाइट 'लाइव लॉ' और 'बार एंड बेंच' के मुताबिक़, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि गंगा ...
17/05/2026

लीगल मामलों को रिपोर्ट करने वालीं वेबसाइट 'लाइव लॉ' और 'बार एंड बेंच' के मुताबिक़, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि गंगा नदी में नॉन-वेजिटेरियन फ़ूड वेस्ट (जूठा मांसाहारी भोजन) फेंकने से हिन्दू समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं।

हाई कोर्ट ने यह टिप्पणी उस मामले की सुनवाई के दौरान की, जिसमें वाराणसी में गंगा नदी में नाव पर आयोजित इफ़्तार पार्टी के दौरान मांसाहारी भोजन करने और उसका बचा हुआ कचरा नदी में फेंकने के आरोप हैं।

हालांकि, 15 मई को कोर्ट ने इस मामले में 14 में से आठ अभियुक्तों को ज़मानत दे दी है। उसी दिन अदालत ने यह टिप्पणी भी की।

लाइव लॉ के मुताबिक़, 15 मई को जारी किए गए अलग-अलग आदेशों में जस्टिस राजीव लोचन शुक्ला ने पांच अभियुक्तों को, जबकि जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा ने तीन अभियुक्तों को ज़मानत दी।

लाइव लॉ के मुताबिक़, अपने 16 पन्नों के आदेश में जस्टिस शुक्ला ने कहा कि कथित कृत्य से हिन्दू समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं, लेकिन अभियुक्तों ने अपने शपथ पत्रों में "पछतावे" की बात कही है।

बार एंड बेंच के मुताबिक़, अदालत ने कहा, "मौजूदा मामला मुस्लिम समुदाय के लोगों की रोज़ा इफ़्तार पार्टी से जुड़ा है। आरोप है कि इफ़्तार पार्टी के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मांसाहारी भोजन किया और उसका बचा हुआ खाना गंगा नदी में फेंक दिया। अदालत की निष्पक्ष राय में यह तथ्य हिन्दू समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला माना जा सकता है।

अडाणी समूह के चेयरमैैन गौतम अदाणी और पत्नी डॉ. प्रीति अडाणी ने रविवार को सारण में आई हॉस्पिटल की सौगात दी। करीब 150 करोड...
17/05/2026

अडाणी समूह के चेयरमैैन गौतम अदाणी और पत्नी डॉ. प्रीति अडाणी ने रविवार को सारण में आई हॉस्पिटल की सौगात दी। करीब 150 करोड़ रुपए की लागत से मस्तीचक में ‘अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल’ बनाया जाएगा।

अडाणी ग्रुप का ‘अडाणी आई केयर प्रोजेक्ट’, अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल और अडाणी फाउंडेशन की संयुक्त पहल है। इसके तहत अडाणी सेंटर फॉर आई डिजीज और अडाणी ट्रेनिंग सेंटर फॉर ऑप्थैल्मिक साइंसेस संचालित किए जाएंगे।

यह दुनिया का सबसे बड़ा ग्रामीण आई नेटवर्क बनने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य गांवों और पिछड़े इलाकों में रहने वाले लोगों को आंखों के लिए किफायती और बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है। इस दौरान अडाणी समूह ने कहा कि आने वाले 2-3 वर्षों में बिहार में 50 से 60 हजार करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पावर और रोड प्रोजेक्ट्स पर पहले से काम चल रहा है।

बिहार में एजुकेशन सेक्टर में काम करूंगाः गौतम अडाणी

कार्यक्रम के दौरान गौतम अडाणी ने कहा, ‘सारण आकर मुझे बहुत गर्व महसूस हो रहा है। बिहार की धरती भारत की आध्यत्मिक और सांस्कृति विरासत की पहचान है।

गायत्री मंदिर शक्तिपीठ के दर्शन करने पर मुझे गहन शांति का अनुभव हुआ और समाज के कल्याण के लिए कुछ सार्थक योगदान देने की नई प्रेरणा मिली। व्यक्तिगत रूप से, गायत्री मंत्र का जाप करने से मन को शांति मिलती है।’

साथ ही कहा, ‘हमारा एक कमिटमेंट पावर प्रोजेक्ट, रोड प्रोजेक्ट के लिए हो चुका है। सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी काम चल रहा है। आज आई हॉस्पिटल की शुरुआत हुई है। आने वाले दिनों में बिहार में स्कूल-कॉलेज के सेक्टर में भी काम करने का प्रयास करूंगा। ‘

विजय थलपति तमिलनाडु ही नहीं देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए हैं, जो घर से टिफिन लाते है! वे जब भी समय से पहले विधानसभा...
17/05/2026

विजय थलपति तमिलनाडु ही नहीं देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए हैं, जो घर से टिफिन लाते है! वे जब भी समय से पहले विधानसभा और सीएमओ आते हैं, घर से टिफिन लेकर निकलते हैं। सीएम की टेबल पर बैठकर आम इंसान की तरह भोजन करते हुए उनकी एक फोटो इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है।

सुपरस्टार से राजनेता और अब तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने विजय थलापति इन दिनों अपनी सादगी और अनुशासित कार्यशैली को लेकर लगातार चर्चा में हैं। उन्हें लेकर सोशल मीडिया पर कई पोस्ट वायरल हो रही हैं, जिनमें उन्हें एक आम सरकारी कर्मचारी की तरह काम करते हुए दिखाया जा रहा है। वहीं वे अपने कार्यालय में घर से लाए टिफिन से भोजन करते भी नजर आते हैं। बताया जा रहा है कि विजय जब भी घर से जल्दी विधानसभा या सीएम ऑफिस के लिए निकलते हैं तो घर से भोजन का टिफिन लेना नहीं भूलते।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को घोषणा करते हुए कहा कि राज्य में तीसरे बच्चे के जन्म पर परिवार क...
17/05/2026

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को घोषणा करते हुए कहा कि राज्य में तीसरे बच्चे के जन्म पर परिवार को 30 हजार रुपए और चौथे बच्चे के जन्म पर 40 हजार रुपए दिए जाएंगे।

नायडू श्रीकाकुलम जिले में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि पहले वह जनसंख्या नियंत्रण के पक्ष में थे, लेकिन अब समय बदल गया है। अब जन्म दर बढ़ाने की जरूरत है। एक महीने के भीतर इसकी पूरी जानकारी जारी की जाएगी। इससे पहले आंध्र सरकार दूसरे बच्चे के जन्म पर 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि देने के प्रस्ताव पर भी विचार कर चुकी है। 5 मार्च को मुख्यमंत्री ने विधानसभा में इसकी जानकारी दी थी।

नायडू बोले- बच्चों को बोझ न समझें

नायडू ने कहा कि बच्चों को बोझ नहीं, बल्कि देश की संपत्ति के रूप में देखा जाना चाहिए। किसी भी समाज की जनसंख्या स्थिर रखने के लिए प्रति महिला औसतन 2.1 बच्चों की जन्म दर जरूरी होती है। उन्होंने दावा किया कि कई देशों में घटती आबादी और बुजुर्ग होती जनसंख्या से अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ा है।

नायडू ने महिलाओं से ज्यादा बच्चा पैदा करने की अपील की थी

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अप्रैल 2025 में महिलाओं से ज्यादा बच्चे पैदा करने की अपील भी की। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा था कि सरकारी महिला कर्मचारियों को बच्चों की संख्या चाहे जितनी हो, हर बच्चे पर 26 हफ्ते यानी 6 महीने की मातृत्व अवकाश मिलेगा। तब तक यह अवकाश सिर्फ पहले दो बच्चों तक सीमित था। दो से ज्यादा बच्चे होने पर 12 हफ्ते की छुट्टी मिलती थी। महिला दिवस के कार्यक्रम में नायडू ने कहा था कि यह फैसला जनसंख्या संतुलन बनाए रखने और महिलाओं को नौकरी व परिवार के बीच संतुलन बनाने में मदद करने के लिए लिया गया है।

नायडू का कहना था कि दुनिया के कई देशों की तरह भारत में भी युवाओं की संख्या घट रही है और बुजुर्ग आबादी बढ़ रही है। इसी वजह से वे लंबे समय की जनसंख्या नीति पर जोर दे रहे हैं।

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