21/01/2026
बाबा बने तो आस्था, अंबेडकर बने तो FIR — ये कैसी दोहरी नीति सरकार की?
जब कोई ढोंगी बाबा बनकर समाज को गुमराह करे तो सब ठीक,
लेकिन संविधान निर्माता अंबेडकर की बात उठे तो FIR तय!
कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए, विचारधारा देखकर नहीं।
ये सवाल सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आज़ादी का है।
🇮🇳