23/07/2026
PROUT के दृष्टिकोण से NEET पेपर लीक और छात्रों के विरोध को केवल एक परीक्षा की समस्या नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था, नैतिक नेतृत्व और प्रशासनिक जवाबदेही का प्रश्न माना जाएगा।
NEET पेपर लीक केवल एक परीक्षा का संकट नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में नैतिक पतन का संकेत है।
PROUT के अनुसार शिक्षा का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि प्रतिभा, चरित्र और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास होना चाहिए।
यदि मेहनत करने वाले छात्रों का भविष्य भ्रष्टाचार और पेपर लीक से प्रभावित होता है, तो यह समाज और राष्ट्र—दोनों के लिए घातक है।
छात्रों का शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक विरोध उनका अधिकार है। साथ ही, सरकार और संबंधित संस्थाओं का दायित्व है कि वे निष्पक्ष जांच करें, दोषियों को कठोर दंड दें और ऐसी पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था विकसित करें जिसमें योग्यता ही सफलता का आधार बने।
"शिक्षा में ईमानदारी ही राष्ट्र के भविष्य की सबसे बड़ी सुरक्षा है।"
ध्यान रहे कि PROUT एक सामाजिक-आर्थिक दर्शन है। ऊपर दिया गया दृष्टिकोण उसके मूल सिद्धांतों—नैतिकता, पारदर्शिता, योग्यता और सामाजिक न्याय पर आधारित है, न कि किसी विशेष घटना पर |
✍️✍️ABHINAV KUMAR
PROUTIST UNIVERSAL