28/04/2026
*समय के साथ जो स्वयं मे बदलाव करते हैऔर चलना सीख जाते है उसे संस्कार संसार कहता है। और जो समय के साथ नही बदलते उसे संसार असंस्कार कहता है। और समय उसे नाच नचाता है।और ऋषि कहते है समय बहुत बड़ा बलवान होता है पर इन्सान रुपये पैसे को बड़ा बलवान समझता है। और धन सम्पति और चीज़े जोड़ने में स्वयं के ऐश्वर्य सुख से प्रेम प्यार में रहता हैं। पर कीमती समय होता है पर ऐश्वर्य सुख नही जो नाशवान हैं जो सत्य नही सबसे बड़ा कीमती वक्त समय की कद्र करे जैसे न्युज पेपर की कीमत सुबह दस रुपये तो शाम को वही पेपर रदी दस रूपये किलो वक्त की कीमत है। स्वयं समझोगे तो दुःख नही पाओगे और कभी भी दुःख का सामना आप को नही करना पड़ेगा यह पूर्णतह सच्च है। समय की कद्र, मान सम्मान, इज्जत समय की होती है पर व्यक्ति नही पाना खोना स्वयं के हाथ बस समय का इन्तजार करो और स्वयं के मन को मजबूत और काबू मे रखोगे तो समय आप के साथ चलेगा और पाना खोना स्वयं के हाथ, समय स्वयं की गति पर किसी का इन्तजार नही करता चाहे राजा हो या रंक या महात्मा महापुरुष किसी के लिए समय इन्तजार नही करता स्वयं के शुभचिंतक स्वयं बनो तो वक्त भी आप के साथ चलेगा।*