Ayurveda Aur Jeevan

Ayurveda Aur Jeevan Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Ayurveda Aur Jeevan, Advertising/Marketing, rajkot, Rajkot.

धनिया के फायदे और औषधीय उपयोग : 1. जोड़ों में दर्द : जोड़ों में दर्द अक्सर शरीर में गैस के बढ़ जाने के कारण होता है। कभी...
31/07/2025

धनिया के फायदे और औषधीय उपयोग :

1. जोड़ों में दर्द : जोड़ों में दर्द अक्सर शरीर में गैस के बढ़ जाने के कारण होता है। कभी-कभी बलगम की प्रकृति भी अधिक बढ़ जाती है। खून में रोग भी पैदा हो जाता है। ऐसी दशा में धनिया का चूर्ण तथा सोंठ के चूर्ण को शहद के चूर्ण के साथ मिलाकर चटाना चाहिए।

2. दस्त व कब्ज : हरा धनिया, काला नमक, कालीमिर्च को मिलाकर चटनी बनाकर चाटने से लाभ मिलता है। यह चटनी सुपाच्य रहती है। उल्टी में धनिये को मिश्री के साथ सेवन करने से लाभ मिलता है। पिसे हुए धनिये को सेंककर 1-1 चम्मच पानी से फंकी लेने से दस्त आना बंद हो जाता है। दस्तों में आंव, मरोड़, उल्टी, गर्भवती की उल्टी आदि आना बंद हो जाती है।

3. शरीर में जलन : रात को 4 चम्मच धनिया और इतने ही चावल पानी में भिगों दें। इन्हें सुबह गर्म करके पीयें अथवा रात को धनिया भिगों दें और सुबह के समय मिश्री डालकर पीसकर छानकर पियें। इससे शरीर की गर्मी और पेट की जलन नष्ट हो जाती है।

4. दमा-खांसी : धनिया और मिश्री को पीसकर चावलों के पानी के साथ सेवन करने से दमा और खांसी के रोग में लाभ मिलता है।

5. चेचक की गर्मी : चेचक की गर्मी निकालने के लिए धनिया और जीरा पानी में डालकर रात को मिट्टी बर्तन में भिगो दें। सुबह उस पानी में चीनी मिलाकर पियें। इससे मल साफ आता है तथा चेचक की गर्मी शान्त होती है।

6. गर्मी के रोग : रात के समय मिट्टी के बर्तन में 2 गिलास पानी 5 चम्मच सूखा धनिया भिगो देते हैं। सुबह के समय इसमें स्वाद के अनुसार मिश्री मिलाकर पियें। इससे गर्मी के रोग समाप्त हो जाते हैं।

7. चक्कर आना : आंवले और हरे धनिये के रस को पानी में मिलाकर पीने से चक्कर आना बंद हो जाता है।

8. बच्चों के मुंह के सफेद छाले : लगभग 5 ग्राम धनिये को 100 ग्राम पानी में रात में भिगोकर सुबह मसलकर छानकर तैयार हिम, फांट या काढ़े से कुल्ले कराने से बच्चों के मुंह के छाले मिट जाते हैं।

9. पीलिया : पीलिया का रोग होने पर धनिये का रस पीने से लाभ पहुंचता है।

10. थायराइड ग्रन्थि का बढ़ना : थायराइड ग्रन्थि बढ़ जाए, क्रिया उच्च या निम्न हो जाए तो 5 चम्मच सूखा साबुत धनिया 1 गिलास पानी में तेज उबालकर छानकर रोजाना सुबह और शाम रोगी को पिलाएं।

11. बालों के रोग : हरे धनिये का रस सिर के गंजे स्थान पर लगाने से बाल उग आते हैं।

12. बच्चों का पेट फूलना : 1 से 4 बूंद धनिये के तेल को मिश्री के साथ देने से बच्चों के पेट की गैस से राहत मिलती है।

13. डकार के आने पर : धनिया और भरड्डी को पानी में पकाकर पीने से डकार आना रूक जाती है।

14.जीभ और त्वचा की सुन्नता : हरा धनिया के सेवन से जीभ व त्वचा की सुन्नता ठीक हो जाती है।

15. यात्राजन्य रोग : धनिये के थोड़े से दाने मुंह में रखकर चबाते रहने से यात्रा करते समय मिचली ( उबकाई ) नहीं आती है।

16. श्वेत प्रदर : धनिया क्षोभ शामक (चित्त की बेचैनी) है। इसलिए इसका हिम (शीत कषाय) अनुपान या सहपान के रूप में सेवन करने से सफेद प्रदर मिट जाता है।

17. पित्तज्वर : सूखे धनिये के दाने रात में पानी में

भिगो लें और सुबह के समय उनका काढ़ा तैयार करें उस काढ़े में मिश्री मिलाकर पीने से पित्त ज्वर दूर हो जाता है।

18. वीर्य विकार : धनियां, पोस्ता के बीज के साथ मिश्री मिलाकर खाने से वीर्य रोग में लाभ होता है।

फास्ट फूड सेवन से होने वाले संभावित दुष्प्रभाव:1. पाचन तंत्र पर प्रभाव🚨 गैस्ट्रिक अल्सर और एसिडिटी:तेज मिर्च-मसाले पेट म...
07/07/2025

फास्ट फूड सेवन से होने वाले संभावित दुष्प्रभाव:

1. पाचन तंत्र पर प्रभाव
🚨 गैस्ट्रिक अल्सर और एसिडिटी:

तेज मिर्च-मसाले पेट में अम्लता (Acidity) बढ़ाते हैं, जिससे गैस्ट्रिक अल्सर, एसिड रिफ्लक्स (GERD) और पेट की जलन हो सकती है।

🚨 कब्ज और अपच:

फास्ट फूड में फाइबर की कमी होती है, और आंतों की गति धीमी कर देते हैं, जिससे कब्ज और अपच हो सकता है।

🚨 आंतों की सूजन (IBD) और बवासीर (Piles):

फास्ट फूड आंतों में सूजन (Inflammatory Bowel Disease – IBD) और कब्ज बढ़ा सकते हैं, जिससे बवासीर और फिशर जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।

2. लिवर और किडनी पर प्रभाव
🚨 फैटी लिवर और लिवर सिरोसिस:

फास्ट फूड में मौजूद ट्रांस फैट लिवर में फैट जमा कर देते हैं, जिससे फैटी लिवर, लिवर फाइब्रोसिस और अंततः लिवर सिरोसिस (Liver Cirrhosis) हो सकता है।

🚨 किडनी स्टोन और किडनी फेल्योर:

यूरिक एसिड बढ़ाकर किडनी स्टोन और किडनी डैमेज का खतरा बढ़ाते हैं। किडनी के फिल्टरिंग सिस्टम को कमजोर कर सकती है, जिससे किडनी फेल्योर का खतरा बढ़ जाता है।

3. हृदय और ब्लड प्रेशर पर प्रभाव
🚨 हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट अटैक:

फास्ट फूड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाते हैं, धमनियों को सख्त करते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है और हार्ट अटैक/स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।

🚨 दिल की धड़कन असामान्य होना (Arrhythmia):

तेज मिर्च दिल की धड़कन को असामान्य रूप से तेज (Tachycardia) या धीमा (Bradycardia) कर सकते हैं।

4. मानसिक और तंत्रिका तंत्र पर प्रभाव
🚨 ब्रेन फॉग और याददाश्त कमजोर होना:

फास्ट फूड मस्तिष्क की तंत्रिकाओं (Neurons) को नुकसान पहुँचाते हैं, जिससे याददाश्त कमजोर हो सकती है और ब्रेन फॉग (सोचने-समझने की क्षमता में कमी) आ सकता है।

🚨 नींद की समस्या और डिप्रेशन:

मेलाटोनिन (Melatonin) हॉर्मोन को डिस्टर्ब कर सकते हैं, जिससे अनिद्रा, चिड़चिड़ापन और डिप्रेशन हो सकता है।

5. सेक्सुअल हेल्थ पर प्रभाव
🚨 इरेक्टाइल डिसफंक्शन और स्पर्म काउंट में कमी:

फास्ट फूड टेस्टोस्टेरोन हार्मोन को कम करते हैं, जिससे सेक्स ड्राइव घटती है और स्पर्म काउंट कम होता है।

🚨 पीरियड्स में अनियमितता और हार्मोनल असंतुलन (महिलाओं में):

अधिक जंक फूड एस्ट्रोजन-प्रोजेस्टेरोन हार्मोन को असंतुलित कर सकते हैं, जिससे पीरियड्स अनियमित और गर्भधारण में समस्या हो सकती है।

6. कैंसर का खतरा
🚨 मुंह, गले और पेट के कैंसर का खतरा:

मसालेदार फास्ट फूड और मांस में मौजूद कार्सिनोजेनिक पदार्थ (जैसे नाइट्रेट्स और ट्रांस फैट) कैंसर कोशिकाओं को ट्रिगर कर सकते हैं।

7. इम्यूनिटी पर प्रभाव
🚨 प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) कमजोर होना:

फास्ट फूड शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immune System) को कमजोर कर देते हैं, जिससे बार-बार सर्दी-जुकाम, इन्फेक्शन और सूजन की समस्या हो सकती है।

समाधान –
यदि आप लम्बे समय से या लगातार फ़ास्ट फ़ूड का सेवन करते हैं और आप ऊपर बताये गए सभी रोगों से बचना चाहते हैं तो आप इस प्रकार अपना बचाव कर सकते हैं।
1 फास्ट फ़ूड का सेवन बहुत कम कर दें। अधिकतम महीने में एक या दो बार सेवन करने से खतरा काफी कम रहने की सम्भावना रहती है।
2 अभी तक की गयी लापरवाही से शरीर के अंदर जो दूषित तत्व इकट्ठे हो गए हैं उन्हें बाहर निकालने के लिए अनुभवी आयुर्वेद चिकित्सक से संपर्क करें और सात्विक भोजन एवं व्यायाम की मदद लें।
3 दूषित तत्व बाहर निकालने, कमजोर हुए अंगों को मजबूत करने, शरीर को उचित पोषण देने के लिए धन्वन्तरि आयुर्वेद मल्टी स्पेशलिटी क्लिनिक के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा तैयार विशेष फार्मूला “Tricare Capsule” का उपयोग करना उत्तम रहेगा।

Garlic Liver Booster (Night-Time Cleanser)Ingredients:1 clove of garlic, crushed1 cup of warm waterA few drops of lemon ...
06/07/2025

Garlic Liver Booster (Night-Time Cleanser)
Ingredients:
1 clove of garlic, crushed
1 cup of warm water
A few drops of lemon juice

Method of Preparation:
Crush one clove of fresh garlic.
Add the crushed garlic to a cup of warm water.
Squeeze a few drops of fresh lemon juice into the mixture.
Stir well and let it sit for a minute before drinking.

Benefits:
Promotes liver detoxification during the night.
Enhances digestion and metabolism.
Boosts the immune system due to garlic’s antimicrobial properties.
Aids in flushing out toxins.

Dosage:
Consume one cup of this mixture 30 minutes before bedtime.
Recommended to be taken daily for optimal liver health benefits.

Flaxseed: The Superfood You Might Not Know AboutFlaxseed, often hailed as a superfood, offers numerous health benefits t...
06/07/2025

Flaxseed: The Superfood You Might Not Know About

Flaxseed, often hailed as a superfood, offers numerous health benefits that make it a valuable addition to your diet. Packed with omega-3 fatty acids, dietary fibre, and lignans, flaxseed supports heart health, aids digestion, and helps regulate cholesterol levels. Its anti-inflammatory properties promote healthy skin and may reduce the risk of chronic diseases. Incorporating ground flaxseed into smoothies, cereals, or baked goods is an easy way to boost your nutrient intake.

Experience the remarkable health benefits of flaxseed by making it a part of your daily meals.

Extreme Hair Growth Oil: A Natural and Effective Home RemedyIngredients:✅Olive oil or coconut oil: 500 mL✅Fenugreek seed...
05/07/2025

Extreme Hair Growth Oil: A Natural and Effective Home Remedy

Ingredients:

✅Olive oil or coconut oil: 500 mL
✅Fenugreek seeds: 50 g
✅Rosemary: 50 g
✅Garlic: 20 g
✅Onion: 10 g
✅Black seeds: 10 g

Method of Preparation:👇

1. Combine all ingredients thoroughly in a container.

2. Submerge the mixture in oil and heat it over low heat, allowing it to simmer for approximately 30 minutes.

3. Strain the oil through a fine-mesh sieve to remove the solid components.

4. Store the strained oil in an airtight container.

5. Apply the oil twice daily for a period of 30 days.

Benefits:👇

✅Promotes hair growth and strength.
✅Nourishes and strengthens the hair follicles.
✅Prevents hair loss and thinning.
✅Enhances the overall health and vitality of the hair.

* क्या है माइग्रेन ? जानें कारण एवं उपचार☆ आधा सिरदर्द (माईग्रेन) रोग क्या है ? :जब मनुष्य के सिर के आधे भाग में दर्द हो...
05/07/2025

* क्या है माइग्रेन ? जानें कारण एवं उपचार

☆ आधा सिरदर्द (माईग्रेन) रोग क्या है ? :

जब मनुष्य के सिर के आधे भाग में दर्द हो और आधे भाग में दर्द न हो तो उसे आधासीसी या माईग्रेन कहते हैं।

☆ आधा सिरदर्द (माईग्रेन) रोग के कारण :

मानसिक व शारीरिक थकावट, अधिक गुस्सा करना, चिन्ता करना, आंखों का अधिक थक जाना, अत्यधिक रूप से भावनाओं में बहकर भावुक होना, भोजन का न पचना, किसी तरल पदार्थ को पीने से एलर्जी होना आदि माइग्रेन रोग के कारण हैं।

☆ आधा सिर दर्द का घरेलू उपाय :

• पहला प्रयोगः सूर्योदय से पूर्व नारियल एवं गुड़ के साथ छोटे चने बराबर मात्रा में कपूर मिलाकर तीन दिन खाने से आधा सिर दर्द मिटता है।

दूसरा प्रयोगः पीपर (पाखर) एवं वच का आधा-आधा ग्राम चूर्ण मिलाकर शहद के साथ चाटने से आधासीसी (आधे सिर का दर्द) में लाभ होता है।

तीसरा प्रयोगः गाय का शुद्ध ताजा घी सुबह-शाम 2-2 बूँद नाक में डालने से दर्द में लाभ होता है।

चौथा प्रयोगः दही, चावल व मिश्री मिलाकर सूर्योदय से पहले खाने से सूर्योदय के साथ बढ़ने-घटने वाला सिरदर्द ठीक हो जाता है। यह प्रयोग कम-से-कम छः दिन करें।

☆ आधा सिर दर्द का आयुर्वेदिक इलाज :

• लहसुन : • 30 ग्राम लहसुन को पीसकर रस निकाल लें और इसमें लगभग आधा ग्राम हींग मिलाकर 1-1 बूंद नाक में डालें। इससे आधा सिर का दर्द खत्म होता है और रोगी को चक्कर आना आदि में आराम मिलता है।

• दूध : सूर्योदय से पहले गर्म दूध के साथ जलेबी या रबड़ी खाने से आधाशीशी (आधे सिर का दर्द) ठीक होता है।

मेवा में चीनी मिलाकर सेवन करने से आधासीसी (आधे सिर का दर्द) दूर होता है।

• दही : ऐसा सिर दर्द जो सूर्य के साथ बढ़ता और घटता है। आधासीसी (आधे सिर का दर्द) के दर्द से पीड़ित रोगी को दही के साथ पका हुआ चावल खाना चाहिए। सुबह सूरज उगने के समय सिर दर्द शुरू होने से पहले चावल में दही मिलाकर खाना चाहिए।

• आकड़ा : यदि दर्द सूर्योदय के साथ बढ़ता-घटता हो तो सुबह सूर्य निकलने से पहले एक बताशे पर 2 बूंद आकड़े का दूध टपकाकर खाना चाहिए।

• लौंग :लगभग 5 ग्राम लौंग को पानी के साथ पीसकर हल्का गर्म करके कनपटियों पर लेप करने से आधे सिर का दर्द मिटता है।

• कालीमिर्च : आधे सिर दर्द से पीड़ित रोगी को 10 ग्राम कालीमिर्च चबाकर खाना चाहिए और ऊपर से 25 ग्राम देशी घी का सेवन करना चाहिए।

• घी : माईग्रेन से पीड़ित रोगी को सुबह-शाम घी सूंघना चाहिए। सिर दर्द गर्मी से हो तो ठंड़ा और बादी का हो तो गर्म घी से सिर की मालिश करनी चाहिए।

2 चम्मच गाय के घी में आधा ग्राम कलमीशोरा पीसकर मिलाकर सूंघने से आधे सिर का दर्द दूर हो जाता है।

★ Note - कोई भी Remedies लेने से पूर्व डॉक्टर की राय लेकर ही ऊपर की कोई Remedies फॉलो करे. क्योंकी सबकी अलग अलग प्रकृति होती है Migraines के अलग अलग कारण होते है उस हिसाब से Remedies ली जाती है।

|| नाशपाती खाने के अनुठे लाभ ||1. दस्त : नाशपाती के रस में बेल की गिरी का 3 ग्राम चूर्ण मिलाकर देने से दस्त का आना बन्द ...
13/03/2023

|| नाशपाती खाने के अनुठे लाभ ||

1. दस्त : नाशपाती के रस में बेल की गिरी का 3 ग्राम चूर्ण मिलाकर देने से दस्त का आना बन्द हो जाता है।

2. रक्तज अतिसार : नाशपाती के शर्बत में बेलगिरी (बेल पत्थर) या अतीस का चूर्ण बनाकर लेने से खूनी दस्त (रक्तातिसार) में लाभ मिलता है।

3. बवासीर (अर्श) : नाशपाती के मुरब्बे के साथ नागकेसर को मिलाकर खाने से धीरे-धीरे बवासीर ठीक हो जाती है।

4. मूत्ररोग: आधा कप नाशपाती का रस रोजाना पीने से कुछ ही दिनों में पेशाब की सारी बीमारियां खत्म हो जाती हैं।

5. सिर दर्द : जिन लोगों के सिर में दर्द होता है और आराम नहीं होता वे नाशपाती के रस का सेवन भी कर सकते हैं, उन्हें रस में शक्कर मिलाकर पीना चाहिए इसे पीने से उनके सिरदर्द में आराम मिलेगा।

6. रक्त वमन : आयुर्वेदानुसार रक्त वमन में नाशपाती के शर्बत का सेवन बहुत ही लाभदायक माना गया है । इसका सेवन करने के लिए नाशपाती के शर्बत के साथ बेर की मींगी को पीसकर, फिर उसे नाशपाती के शर्बत में मिलाकर पिया जाता है।

7. अरूचि व अग्निमांध : जिनकी खाने के प्रति रूचि ना हो व जिन लोगों को मंदाग्नि रोग है उनके लिए नाशपाती का सेवन लाभदायक है। इसका सेवन करने के लिए नाशपाती को सेंककर, उसके टुकड़े करके उसमें काली मिर्च, जीरा एवं सैंधा नमक मिलाकर खाया जाता है।

8. सूजन : यदि हमारे शरीर के किसी अंग में सूजन हो जाए तो हमें नाशपाती के पेड़ से निकलने वाला गोंद लगाना चाहिए इसे लगाने से हमारे शरीर की सूजन दूर हो जाती है।

9. हृदय व मस्तिष्क को शक्ति : यदि किसी को अपने हृदय व मस्तिष्क की शक्ति को बढ़ना है तो उसे नाशपाती का सेवन करना चाहिए । इसका सेवन करने के लिए 1 किलो ग्राम नाशपाती के टुकड़े करके कांटे से छेदकर, उसमें 1 किलो ग्राम चीनी मिलाकर बफारा देकर बरनी में ढक्कन लगाकर बंद करके उसे रखकर ।

तीसरे दिन उसी चीनी की चाशनी बनाकर उसमें डालकर. ऊपर से केवड़े का अर्क डालकर खाया जाता है. इसे खाने से हृदय व मस्तिष्क को शक्ति मिलती है ।

10. पथरी : जिन लोगों को पथरी है उन लोगों के लिए नाशपाती का सेवन बहुत ही लाभदायक है। उन्हें एक गिलास नाशपाती का रस रोज 2 - 3 सप्ताह तक पीना चाहिए. इसे पीने से पथरी गल कर निकल जाती हैं ।

11. वीर्यवर्धक : रोज 2 नाशपाती का सेवन करने से बल, तेज और वीर्य की वृद्धि होती है ।

12. कब्ज : जिन लोगों को कब्ज रोग है उनके लिए नाशपाती का सेवन बहुत ही लाभदायक है. कब्ज रोग से बचने के लिए रोगियों को काफी समय तक नाशपाती का सेवन करते रहना चाहिए। नाशपाती का सेवन करते रहने से पुराना कब्ज भी ठीक हो जाता है और आंतों में जमा मल भी बाहर निकल जाता है।

13. भूख खुलना : यदि आपको भूख नहीं लगती हो तो नाशपाती का सेवन हमारे लिए बहुत ही लाभदायक है. आपको नाशपाती को काटकर उस पर सैंधा नमक और काली मिर्च डालकर खाना चाहिए. इसे खाने से आपको भूख लगने लगेगी ।

14. चर्मरोग : यदि किसी को चर्मरोग है तो वह नाशपाती के तेल का भी प्रयोग कर सकता है. चर्मरोग से बचने के लिए नाशपाती का तेल दाद, खुजली वाले अंग पर लगाया जाता है। इसे लगाने से आराम भी मिलता है और सफेद छिलके उतरना भी बंद हो जाते हैं।

15. शारीरिक शक्ति : नाशपाती हमारी शारीरिक शक्ति को भी बढ़ाने में मदद करता है. यदि कोई अपनी शारीरिक शक्ति को बढ़ाना चाहता है तो उसे नियमित रूप से नाशपाती सेवन करना चाहिए । इसके नियमित सेवन से शारीरिक शक्ति तो बढती ही है साथ ही हमारा शरीर सुगठित भी बनता है ।

16. उदर रोग : नाशपाती पेट के रोगों से बचने में हमारी मदद करता है उदर रोग से मुक्त होने के लिए हमें नाशपाती का नियमित सेवन करना चाहिए।

17. आमाशय दौर्बल्य : आमाशय दौर्बल्य और अतिसार रोग से बचने के लिए हम इसके रस के सत का प्रयोग कर सकते हैं इसके रस का सत रोगी को दिया जाता है जिससे वह आमाशय दौर्बल्य और अतिसार रोग से मुक्त हो जाता है।

18. रूप निखार : पकी हुई नाशपाती को कद्दूकस पर कसकर उसमें पोदीने की पिसी हुई पत्तियों को मिलाकर लेप बना लें और चेहरे पर लगाएं। 25 मिनट बाद टिश्यू पेपर से चेहरा साफ करके पहले हल्के गर्म और फिर ठंडे पानी से साफ करें। ऐसा करने से चेहरे की त्वचा में अद्भुत निखार आता है।

19. एनीमिया : आयरन का स्रोत होने की वजह से नाशपाती हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाता हैं और एनीमिया से ग्रस्त रोगियों को सुरक्षा प्रदान करता हैं।

20. अधिक प्यास लगना : नाशपाती के रस में काला जीरा और काला नमक डालकर पीने से अधिक प्यास लगने की समस्या दूर होती है।

21. कब्ज: कब्ज होने की स्थिति में स्त्री-पुरूषों को प्रतिदिन नाशपाती खाना चाहिए या उसका रस पीना चाहिए। कब्ज की समस्या शीघ्र नष्ट होती है।

22. स्त्री रोग : Pears Benefits During Pregnancy in Hindi - गर्भावस्था में योनि से किसी तरह का स्राव होने लगे तो नाशपाती का सुबह-शाम सेवन करने से बहुत फायदा होता है।

13/03/2023

** आयुर्वेद एक प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति है जो स्वस्थ जीवन और रोगों का उपचार करने के लिए ज्ञान प्रदान करती है। यह पेज आयुर्वेद विज्ञान के बारे में जानकारियों, उपायों, नुस्खों और सुझावों को साझा करने के लिए बनाया गया है। **

** इस पेज में आपको आयुर्वेद से संबंधित विषयों पर जानकारी मिलेगी, जैसे कि आहार, स्वस्थ जीवन शैली, रोगों के लक्षण और उनके उपचार, और अन्य संबंधित विषय। आप इस पेज पर आयुर्वेद से जुड़ी सभी जानकारी को साझा कर सकते हैं और अपने अनुभवों और सुझावों को भी शेयर कर सकते हैं। **

Address

Rajkot
Rajkot
360001

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Ayurveda Aur Jeevan posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share