जय राजपुताना

जय राजपुताना तुम प्राण बचाओ
हम प्रण निभाएंगे
क्षत्रिय है हम फिर रण रचाएंगे

वीर भोग्य वसुंधरा
(1)

शेखावत जय राजपुताना
28/03/2026

शेखावत
जय राजपुताना

मातृभूमि के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले, वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि पर उन्हें अश्रुपूरित श्रद्धांजलि। 🙏🚩...
19/01/2026

मातृभूमि के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले, वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि पर उन्हें अश्रुपूरित श्रद्धांजलि। 🙏🚩"

"संस्कार और स्वाभिमान का यह दृश्य बयां करता है कि महाराणा प्रताप सिर्फ इतिहास के पन्नों में नहीं, बल्कि भारत के भविष्य की धड़कनों में भी जीवित हैं।
नन्हें हाथों में श्रद्धा का दीया और सामने अदम्य साहस की मूरत... यही तो है हमारी विरासत।

बहलोल खां को उसके शिरस्त्राण, कवच व घोड़े सहित चीरते हुए वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप
19/01/2026

बहलोल खां को उसके शिरस्त्राण, कवच व घोड़े सहित चीरते हुए वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप

त्याग, तपस्या और बलिदान के पर्याय के रूप में विख्यात सम्पूर्ण भारत के गौरव वीर शिरोमणि प्रातः स्मरणीय महाराणा प्रताप जी ...
19/01/2026

त्याग, तपस्या और बलिदान के पर्याय के रूप में विख्यात सम्पूर्ण भारत के गौरव वीर शिरोमणि प्रातः स्मरणीय महाराणा प्रताप जी की पुण्यतिथि पर कोटि कोटि नमन वन्दन। आपका जीवन सदैव सभी को प्रेरणा देता रहेगा।

#वीर_शिरोमणि_महाराणा_प्रताप

वीर राजपूत सर्वत्र विजयरेजिमेंट की इज्जत, मेरी इज्जतजय भवानी ⚔️जय राजपुतान⚔️
17/01/2026

वीर राजपूत सर्वत्र विजय
रेजिमेंट की इज्जत, मेरी इज्जत

जय भवानी ⚔️
जय राजपुतान⚔️

जय जमवाय जगदम्बा भवानी 🌸🌸 शुभ दर्शन 🌸🌸माँ जमवाय रखवार
05/01/2026

जय जमवाय जगदम्बा भवानी
🌸🌸 शुभ दर्शन 🌸🌸
माँ जमवाय रखवार

आजकल कोई कहता है कि यदि भील न होते तो महाराणा प्रताप कुछ न कर पाते। कोई कहता है कि यदि भामाशाह न होते तो महाराणा प्रताप ...
29/12/2025

आजकल कोई कहता है कि यदि भील न होते तो महाराणा प्रताप कुछ न कर पाते। कोई कहता है कि यदि भामाशाह न होते तो महाराणा प्रताप का इतना नाम न होता।

पर क्या ये वास्तविकता है ?

मेवाड़ के लिए भीलों ने महाराणा प्रताप से पहले भी लड़ाइयां लड़ी हैं और बाद भी लड़ाइयां लड़ी हैं। भीलों का इतिहास मेवाड़ के सिसोदिया राजवंश की स्थापना से भी सदियों पुराना है। लेकिन आज भी भीलों के इतिहास का सबसे स्वर्णिम अध्याय खोला जाएगा, तो वह शासनकाल महाराणा प्रताप का मिलेगा।

भामाशाह से पहले भी दानवीर हुए हैं और बाद में भी दानवीर हुए हैं, लेकिन आज उनका नाम दानवीरता का पर्याय बन चुका है। आज भी कहीं कोई बड़ा दान देता है तो उसे भामाशाह कहा जाता है।

चेतक से पहले भी घोड़े हुए हैं और बाद भी, लेकिन जो नाम आज चेतक का है वो सम्भवतः किसी अन्य अश्व का नहीं है।

आज हमें कितने हाथियों के नाम याद हैं ? रामप्रसाद से पहले भी हाथी हुए हैं और बाद में भी, लेकिन रामप्रसाद का नाम इतिहास के पन्नों पर अमर हो गया।

हाकिम खां से पहले भी पठान हुए थे, लेकिन मातृभूमि की रक्षा खातिर मरकर भी तलवार हाथ से न छोड़े और तलवार समेत दफन करना पड़े, ऐसा वीर हाकिम खां ही हुआ है।

क्या आपने किन्हीं आमजन द्वारा ली गई भीषण प्रतिज्ञा को 500 वर्षों तक निभाते हुए देखा है ? गाड़िया लोहार आज भी आपको सड़कों किनारे घुमक्कड़ जीवन जीते हुए मिल जाएंगे।

क्या केवट न होता तो भगवान राम की नैया पार नहीं होती ?

आपको ये स्वीकार करना होगा कि महाराणा प्रताप धुरी थे 16वीं सदी में स्वतंत्रता और स्वाभिमान की। ये महाराणा प्रताप का व्यक्तित्व था, कि उन्होंने अपने कर्मों से इन सभी का हृदय जीता और समय आने पर इन सभी ने महाराणा प्रताप और मेवाड़ के लिए सर्वस्व न्योछावर किया।

ना महाराणा प्रताप ने मेवाड़ पर कोई एहसान किया और ना भीलों ने, उन्होंने अपना कर्तव्य निभाया, फिर आज उनके कर्तव्यों को एहसान बताकर न केवल महाराणा प्रताप, बल्कि भीलों की वीरता को भी लज्जित किया जा रहा है।

पोस्ट लेखक :- तनवीर सिंह सारंगदेवोत

इतिहास गवाह है, इस पावन धरा पर जब-जब संकट के बादल छाए, क्षत्रिय धर्म ने अपनी तलवार से भारतवर्ष की रक्षा की। ⚔️🚩चाहे अरब ...
29/12/2025

इतिहास गवाह है, इस पावन धरा पर जब-जब संकट के बादल छाए, क्षत्रिय धर्म ने अपनी तलवार से भारतवर्ष की रक्षा की। ⚔️🚩

चाहे अरब हों, तुर्क हों, मुगल हों या फिर अंग्रेज... लूटने के इरादे से आने वाले हर आक्रमणकारी को अगर किसी ने सबसे पहले और सबसे अंत तक चुनौती दी, तो वह राजपूत थे। यह चित्र मात्र एक तस्वीर नहीं, बल्कि सदियों के संघर्ष और बलिदान की गाथा है।

जब सब घुटने टेक देते थे, तब भी राजपूताने की तलवारें स्वाभिमान के लिए चमकती थीं।

दुश्मन बदलते रहे, दौर बदलते रहे, लेकिन भारत की रक्षा में खड़ी 'राजपूतों की दीवार' कभी नहीं टूटी। 💪🇮🇳

अरब से लेकर अंग्रेजों तक... हर आक्रमण का सामना डटकर किया। यह मिट्टी ऋणी है उन वीरों की। ⚔️

आंधियां जुल्म की चलती रहीं सदियों तक,
मगर वो "दीपक" थे जो तूफानों में भी जलते रहे।
अरब, तुर्क, मुगल और फिरंगी सब आए लूटने,
मगर एक "राजपूत" थे जो हर बार उनसे लड़ते रहे।

भारत मां की रक्षा के लिए जिन्होंने अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया, उन वीरों को नमन। 🙏🚩

With Neeraj Kashyap – I just earned their Neeraj Army badge! 🎉
28/12/2025

With Neeraj Kashyap – I just earned their Neeraj Army badge! 🎉

आज मैं आपको उस बहादुर राजपूत फौजी जनरल हनुत सिंह राठौड़ जी के बारे में बताने जा रहा हूँ जिन्होंने 1971 के बसंतर के युद्ध...
24/12/2025

आज मैं आपको उस बहादुर राजपूत फौजी जनरल हनुत सिंह राठौड़ जी के बारे में बताने जा रहा हूँ जिन्होंने 1971 के बसंतर के युद्ध में पाकिस्तान के 48 टैंक तबाह कर दिए थे जिनकी बहादुरी देखकर दुश्मन सेना पाकिस्तान ने भी उन्हें "फख्र-ए-हिंद" से नवाजा था जनरल हनुत सिंह राजपूत जी ने अपनी पूरी फौज की नौकरी में एक रुपया तक नहीं लिया था उन्होंने अपनी पूरी फौज की नौकरी बिना पैसों के की और उन्होंने कभी शादी भी नही की थी जिसकी वजह से उन्हें भारतीय सेना का भीष्म पितामह कहा जाता था

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