01/08/2025
भाकपा-माले की दावेदारी पर दूसरे दलों को छोड़िये, भाकपा को ही आपत्ति है. बिहार में वामदलों में संभवतः वह खुद को सबसे बड़ी पार्टी मानती है. बिहार भाकपा के सचिव रामनरेश पांडेय के इस कथन से तो ऐसा ही झलकता है. उनके मुताबिक 2020 में भाकपा-माले को 19 सीटें मिली थीं तो भाकपा को उससे एक अधिक यानी 20 मिलनी चाहिए थी. भाकपा के महासचिव डी राजा ने इस बार महागठबंधन को 24 सीटों की सूची सौंपी है. 2020 में भाकपा और माकपा के हिस्से में क्रमशः छह और चार सीटें थीं. जीत दो-दो पर हुई थी. इन सबसे अलग रालोजपा की कोई दावेदारी नहीं है.
भाकपा-माले की दावेदारी पर दूसरे दलों को छोड़िये, भाकपा को ही आपत्ति है. बिहार में वामदलों में संभवतः वह खुद को सबसे .....