04/08/2026
बांकीपुर और दतिया विधानसभा उपचुनाव में BJP की हार के बाद कई पक्षों के कई तर्क सोशल मीडिया में चल रहे हैं। कोई इसे मोदी लहर का खत्म होना बता रहा तो कोई इसे उपचुनाव की तात्कालिक नाराज़गी बता रहा है। हालांकि सच्चाई ये है कि:-
- विधानसभा उपचुनाव में हार या जीत से सरकार पर कोई फर्क नहीं पड़ता। ना ही इससे राष्ट्रीय लेवल की लीडरशिप पर सवाल उठता।
- PM मोदी या BJP का 2014 के बाद अभी तक का सबसे बड़ा डाउनफॉल 2024 लोकसभा रिजल्ट था। जो उम्मीद के अनुसार नहीं था। उसके बाद कमो से कम चुनावों में वापसी हुई है। लेकिन नैरेटिव वार में पिछड़ते रहे
- ये भी सच है कि ऐसी हारें बताती हैं कि प्रत्याशी चयन सही नहीं था। राज्य में नाराजगी है
- बांकीपुर BJP इसलिए हारी क्योंकि वहाँ प्रशांत किशोर थे। प्रशांत किशोर के कट्टर समर्थक भले बहुतायत में ना हों लेकिन उनके हेटर अभी नगण्य हैं
- बांकीपुर हार में बड़ा रोल भरत तिवारी एनकाउंटर भी रहा। सरकार के लिए बड़ा सबका है।
- दतिया हार भीतरघात के कारण हुई। नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटना भारी पड़ा
- लेकिन इन सबसे इतर BJP आलाकमान को ये समीक्षा करनी चाहिए वो नैरेटिव वार में पीछे क्यों हो रहे हैं। उनके समर्थकों में ही नाराज़गी क्यों बढ़ रही है।