03/06/2026
जनादेश पर डकैती या लोकतंत्र का मज़ाक
हरिराम चौधरी: कुल्लू
जिला परिषद चुनाव के नतीजे आते ही देवभूमि की राजनीति में भूचाल आ गया है। कुल्लू के धाउगी वार्ड में मतगणना के बाद जो खेल हुआ, उसने पूरी चुनाव प्रक्रिया और प्रशासनिक निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रीकाउंटिंग के नाम पर जीती हुई बाजी को हार में बदलने के घिनौने खेल के खिलाफ आज आजाद प्रत्याशी ओम प्रकाश ठाकुर ने पत्रकार वार्ता में एसडीएम बंजार व तहसीलदार सहित पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया।
पूरा मामला बेहद संदेहास्पद और चौंकाने वाला है। पहली गिनती में आजाद प्रत्याशी ओम प्रकाश ठाकुर को 5,303 वोट मिले थे और कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी गिरधारी चौहान को 5,292 वोट, यानी ओम प्रकाश 11 वोटों से स्पष्ट जीत चुके थे। लेकिन इसके बाद रीकाउंटिंग का 'मायाजाल' बुना गया। दोबारा हुई गिनती में ओम प्रकाश के वोट घटकर 5,275 कर दिए गए और उनकी निश्चित जीत को जानबूझकर हार में बदल दिया गया।
इस धांधली के खिलाफ कुल्लू में आयोजित एक प्रेस वार्ता में ओम प्रकाश ठाकुर का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने बेहद तीखे और आक्रोशित लहजे में सवाल दागा, "जब हम चुनाव अधिकारी से दोबारा निष्पक्ष मतगणना की मांग कर रहे हैं, तो कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को पेट में दर्द क्यों हो रहा है? साफ है कि दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली है! इसी को कहते हैं चोर की दाढ़ी में तिनका।"
उन्होंने आरोप लगाया कि रात के अंधेरे में नियमों को ताक पर रखकर काउंटिंग एजेंट बदले गए, उनके वैध मतों को साजिश के तहत निरस्त किया गया और वोटों की अदला-बदली कर कांग्रेस प्रत्याशी को चोर दरवाजे से जिताया गया। उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त कुल्लू को इस प्रशासनिक तानाशाही की निष्पक्ष से जांच की मांग की है, ताकि लोकतंत्र पर जनता का भरोसा कायम रह सके।