17/08/2026
*रिलायंस ऐश डाइक हादसे पर कलेक्टर का सख्त रुख*
*कलेक्टर ने दण्डात्मक कार्रवाही तथा सम्मति निरस्ती हेतु शासन पॉवर प्लांट को किया नोटिस जारी किया नोटिस जारी*
सिंगरौली, 17 अगस्त 2026/ कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री गौरव बैनल द्वारा मेसर्स सासन पावर लिमिटेड, ग्राम सिद्धिखुर्द, तहसील एवं जिला सिंगरौली के महाप्रबंधक को ऐश डाइक-1 के क्षतिग्रस्त होने तथा सुरक्षा एवं पर्यावरणीय मानकों की अनदेखी के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। ग्राम हरहवा स्थित ऐश डाइक के क्षतिग्रस्त होने से बड़ी मात्रा में फ्लाई ऐश का बहाव आसपास के कृषि एवं आवासीय क्षेत्रों में होने के मामले में कलेक्टर ने कंपनी प्रबंधन से नोटिस प्राप्ति के 3 दिवस के भीतर स्पष्ट एवं तथ्यात्मक जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
जारी नोटिस के तहत मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं अनुविभागीय दण्डाधिकारी द्वारा प्रस्तुत निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार 14 अगस्त 2026 की मध्यरात्रि तेज बारिश के बाद ऐश डाइक-1 के बाहरी हिस्से में लैंडस्लाइड होने से लगभग 5 हजार 760 टन फ्लाई ऐश बहकर आसपास के खेतों एवं आवासीय क्षेत्रों में फैल गई। जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेखित है कि ऐश डाइक में निर्धारित फ्रीबोर्ड मानकों तथा मानसून पूर्व सुरक्षा के संबंध में जिला दण्डाधिकारी द्वारा 4 जून 2026 को जारी निर्देशों का समुचित पालन नहीं किया गया। जिला प्रशासन ने इस मामले को जनसुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण एवं कृषि भूमि की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय मानते हुए कंपनी प्रबंधन से जवाब तलब किया है। रिपोर्ट के आधार पर माना गया है कि मेसर्स सासन पावर लिमिटेड द्वारा एमपीपीसीबी द्वारा सम्मति का उल्लंघन किया गया है।
कारण बताओ सूचना-पत्र में कंपनी से यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है कि जनसुरक्षा, पर्यावरण एवं कृषि भूमि को हुई क्षति के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 एवं भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के प्रावधानों के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने की कार्रवाई क्यों न की जाए। साथ ही पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986, जल प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण अधिनियम, 1974 एवं वायु प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण अधिनियम, 1981 के अंतर्गत उद्योग की संचालन सम्मति निरस्त किए जाने के संबंध में मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, भोपाल को प्रस्ताव भेजे जाने की चेतावनी भी दी गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक एवं तथ्यात्मक जवाब प्राप्त नहीं होने पर कंपनी के विरुद्ध नियमानुसार एकतरफा कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही ऐश डाइक हादसे से प्रभावित संपत्तियों एवं फसलों को हुए नुकसान का आकलन कराया जाकर उसकी संपूर्ण वसूली कंपनी से नियमानुसार की जाएगी। जिला प्रशासन ने जनसुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण एवं प्रभावित लोगों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किए जाने की स्पष्ट चेतावनी दी है।
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