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Shabd Dot com दोस्तों नमस्कार, Shabd Dot com के आंगन में आपका स्वागत है ।

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देखो गुरु, भारत श्रुतियों,वक्तव्यों का देश है, अजमेर से अगरतला,जम्मू से कोच्चि तक आपको वरिष्ठ ज्ञानी, कलाकार, शिक्षाविद मिलेंगे और मिलेंगे जबरे बोल - बच्चन, नटवर, तिकड़मबाज ।
आपको यहां सभी बतियाते, गॉसिपते मिलेंगे ।

भारत वैसे भी भावनाओं का देश है,फीलिंग से भरे दिल वाला देश है, तो आपको यहां पूरा फील मिलेगा, फील कला का, साहित्य, शिक्षा, र

ाजनीति, समाज का, देश - विदेश, इतिहास, घर बाहर, चौक - मोहल्ले की बातों का फील, ज़रूरी मुद्दों का, जन - जन के विषयों की बातों का फील ।
कविताएं, साहित्य, किस्से, कहानियों, भजन, गीतों का फील, वो भी आपकी भाषा में, सरल स्वभाव में, प्रेम से परोसा हुआ ।

यहां बबली - बबलू हो या बाबा, चुन्नी हो, चुन्नी की चाची हो या फिर चाची के चाचा, सब अपने लिए बहुत कुछ मज़ेदार, धुआंधार, शानदार ढूंढ ही लेंगे ।

तो महाराज, अब मिले हो तो साथ बनाए रखना, नियत हमारी साफ है, मेहनत पूरी करेंगे, जज्बा अखंड है, आपके स्नेह और आशीर्वाद से डेफिनेटली मज़ा ला देंगे ।

पत्रकारिता करने आए है,बतियाने आए है,लोगों से मिलने आए है, आपसे उन्हें मिलाने आए है, सब प्रेम से करेंगे।

26/05/2026

बकरीद से पहले मीरा रोड पर तनाव बढ़ा, बकरियों की कुर्बानी रोकने के लिए प्रदर्शनकारी सूअर लेकर पहुंचे | VIRAL VIDEO | बकरीद से पहले बकरियों को रखने के लिए बनाए गए एक अस्थायी शेड के निर्माण को लेकर पूनम क्लस्टर सोसाइटी में विवाद खड़ा हो गया।

सोमवार को मीरा रोड में तनावपूर्ण माहौल रहा, जब बकरीद की तैयारियों से जुड़े विरोध प्रदर्शन दो समुदायों के बीच झड़प में बदल गए; इसके चलते इलाके के कुछ हिस्सों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात करना पड़ा और लाठीचार्ज भी करना पड़ा।

बकरीद से पहले बकरियों को रखने के लिए बनाए गए एक अस्थायी शेड के निर्माण को लेकर पूनम क्लस्टर सोसाइटी में विवाद खड़ा हो गया। बताया जा रहा है कि मुस्लिम समुदाय के सदस्यों ने कुर्बानी की तैयारियों के लिए यह ढांचा खड़ा किया था, जिसे हिंदू निवासियों और स्थानीय संगठनों की आपत्तियों के बाद नगर निगम के अधिकारियों ने ढहा दिया।

A tense atmosphere prevailed in Mumbai's Mira Road on Monday, as protests related to Bakrid preparations escalated into clashes between two communities; consequently, heavy p

26/05/2026

शिप्रा तट परिक्रमा उज्जैन के दौरान चिलचिलाती धूप में दोपहर के 2:00 बजे भी महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं का उत्साह, उनका आनंद और श्रद्धा, भक्ति कम नहीं हुआ वह भजन गाते खुशी में झूमते पूरी परिक्रमा में यात्रा करते हुए दिखाई दिए।

During the Shipra Beach Parikrama in Ujjain, even at 2:00 in the afternoon in the scorching sun, the enthusiasm, joy, reverence and devotion of the women, elders and youth did not diminish. They were seen singing bhajans and traveling in the entire parikrama, swinging in joy.

26/05/2026

शिप्रा तट परिक्रमा यात्रा का क्या महत्व है ?

26/05/2026

जहां इस गर्मी में लोग घर से बाहर निकलने में कई बार सोच रहे हैं वहीं शिप्रा तट परिक्रमा यात्रा उज्जैन में कहीं बुजुर्ग जिनकी उम्र 70 से 75 वर्ष तक की है बिना गर्मी, लूँ की चिंता किए 55 किलोमीटर से भी लंबी इस परिक्रमा यात्रा में पूरी श्रद्धा भक्ति और आस्था के साथ अपने हाथ में झंडा सीरिया पीठ पर अपना सामान का ठेला और चेहरे पर मुस्कान लिए मैया शिप्रा और महाकाल के जयकारे लगाते हुए देखे जा सकते हैं। सच्ची बात है आस्था और श्रद्धा से बड़ी ताकत कुछ भी नहीं।

While people this summer are often hesitating to step out of their homes, along the banks of the Shipra River in Ujjain during the Shipra Tat Parikrama Yatra elderly devotees aged between 70 and 75 can be seen walking with complete faith, devotion, and conviction. Undeterred by the heat or the scorching winds, they undertake this pilgrimage spanning over 55 kilometers carrying a flag in their hands, pushing a cart laden with their belongings, and wearing a smile on their faces, all while chanting praises to Mother Shipra and Lord Mahakal. It is truly said: there is no power greater than faith and devotion.

26/05/2026

मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक राजधानी कही जाने वाली नगरी उज्जैन में गंगा दशमी

25 वर्ष पहले इस यात्रा की नींव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी ने रखी थी। आज उनके सुपुत्र अधिवक्ता वैभव यादव इसे पूर्ण वैभव और जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ा रहे हैं।

इस परिक्रमा का संकल्प स्पष्ट है मां शिप्रा को स्वच्छ, संरक्षित और सुरक्षित रखना क्योंकि वे केवल नदी नहीं, हमारी आस्था, संस्कृति और प्रकृति की धरोहर हैं।

जब समुदाय आगे आता है, तब संरक्षण आंदोलन बन जाता है।

Ganga Dashami in Ujjain the city renowned as the cultural and religious capital of Madhya Pradesh.

The foundation of this pilgrimage was laid 25 years ago by Chief Minister Dr. Mohan Yadav. Today, his son, Advocate Vaibhav Yadav, is carrying it forward with great grandeur and widespread public participation.

The resolve behind this Yatra is clear to keep Mother Shipra clean, conserved, and safe for she is not merely a river, but a cherished heritage of our faith, culture, and nature.

When the community steps forward, conservation transforms into a movement.

दुनिया भर में बढ़ते तनाव के बीच अब कई देश भविष्य के बड़े संकट को लेकर तैयारी करने लगे हैं. वर्ल्ड बैंक के एक रिपोर्ट के ...
26/05/2026

दुनिया भर में बढ़ते तनाव के बीच अब कई देश भविष्य के बड़े संकट को लेकर तैयारी करने लगे हैं. वर्ल्ड बैंक के एक रिपोर्ट के अनुसार तकरीबन 27 देश ऐसे हैं जो चाहते हैं कि जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत इमरजेंसी फंड मिल सके. इसके लिए ये सभी देश वर्ल्ड बैंक और दूसरी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ लोन के लिए बातचीत कर रहे हैं. अब सवाल ये खड़ा होता है कि क्या इन देशों में भारत का नाम भी शामिल है?

वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट में सभी देशों के नाम तो नहीं बताए गए हैं, लेकिन जानकारी के अनुसार इसमें अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका के कई विकासशील देश शामिल हैं. ये देश पहले भी आर्थिक संकट का सामना कर चुके हैं और अब पहले से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना चाहते हैं. हालांकि, अभी तक इस लिस्ट में भारत का नाम सामने नहीं आया है.

Amid rising global tensions, many countries are preparing for future crises. According to a World Bank report, approximately 27 nations are seeking immediate emergency funding if needed. These countries are negotiating loans with the World Bank and other international institutions. The question arises: is India included?While the World Bank report does not list all the countries, it reportedly includes several developing nations from Africa, Asia, and Latin America. These countries have faced economic crises before and now want to strengthen their financial safety nets. However, India's name has not surfaced in this list.


पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद अवैध घुसपैठियों पर कार्रवाई तेज हो गई है। राज्य की नई भाजपा सरकार ने अपने चुनावी ...
26/05/2026

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद अवैध घुसपैठियों पर कार्रवाई तेज हो गई है। राज्य की नई भाजपा सरकार ने अपने चुनावी वादे को लागू करते हुए दो ‘होल्डिंग सेंटर’ (डिटेंशन कैंप) शुरू कर दिए हैं। इन सेंटरों के शुरू होते ही 24 घंटे के भीतर 12 बांग्लादेशी घुसपैठियों को पकड़कर वहां रखा गया है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने ‘डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ अभियान के तहत अवैध नागरिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है। फिलहाल ये सेंटर मालदा के इंग्लिश बाजार और मुर्शिदाबाद के लालगोला में बनाए गए हैं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 9 लोगों को मालदा और 3 को लालगोला सेंटर भेजा है।

Following the change in power in West Bengal, action against illegal infiltrators has intensified. The newly formed BJP government has launched two “holding centres” (detention camps) as part of its election promise. Within just 24 hours of their opening, 12 Bangladeshi infiltrators were detained and shifted to these centres.
Under Chief Minister Suvendu Adhikari’s “Detect, Delete and Deport” campaign, strict action has been initiated against illegal foreign nationals. The centres have currently been set up in English Bazar of Malda and Lalgola in Murshidabad. Police shifted 9 detainees to the Malda centre and 3 to the Lalgola facility.




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