14/06/2026
बलिया: प्रेमी से मिलने की जिद्द मे मोबाइल के टावर पर चढ़ी प्रेमिका!
डिजिटल युग में लोग अपने दिल की बात व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम, फेसबुक और वीडियो कॉल से पहुंचाते हैं, लेकिन बेल्थरा रोड में एक किशोरी ने अपने प्रेम संदेश को सीधे मोबाइल नेटवर्क के मुख्य केंद्र यानी मोबाइल टावर से प्रसारित करने का अनोखा तरीका चुन लिया। रविवार सुबह एमएमडी पब्लिक स्कूल के पास स्थित मोबाइल टावर अचानक इलाके का सबसे बड़ा "लाइव स्ट्रीमिंग पॉइंट" बन गया।
सुबह करीब 6:30 बजे स्थानीय लोगों को पता चला कि एक किशोरी मोबाइल टावर पर चढ़ी हुई है। देखते ही देखते पूरा इलाका ऑफलाइन से ऑनलाइन मोड में आ गया। किसी ने मोबाइल कैमरा ऑन किया, किसी ने फेसबुक अपडेट डाला, तो किसी ने व्हाट्सऐप ग्रुप में ब्रेकिंग न्यूज फॉरवर्ड कर दी। कुछ ही मिनटों में मामला क्षेत्र का सबसे चर्चित "ट्रेंडिंग टॉपिक" बन गया।
सूचना मिलते ही पीआरवी-112 की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस नीचे से लगातार "काउंसलिंग नेटवर्क" चलाती रही, लेकिन किशोरी का सिग्नल केवल एक ही नंबर पर लॉक था। वह बार-बार अपने कथित प्रेमी को मौके पर बुलाने की मांग कर रही थी और उसके बिना नीचे उतरने के लिए तैयार नहीं थी। काफी देर तक चला यह हाई-वोल्टेज डिजिटल ड्रामा लोगों के लिए किसी लाइव वेब सीरीज से कम नहीं था। नीचे खड़े लोग मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे और ऊपर किशोरी अपने "लव नेटवर्क" को मजबूत बनाए रखने पर अड़ी हुई थी। कुछ लोग मजाक में कह रहे थे कि जहां मोबाइल नेटवर्क कमजोर पड़ जाए, वहां प्यार का नेटवर्क सीधे टावर पर चढ़ जाता है।
जब पुलिस ने संबंधित युवक से संपर्क किया और उसकी मोबाइल पर किशोरी से बातचीत कराई, तब जाकर भावनाओं का नेटवर्क स्थिर हुआ। मोबाइल कॉल के बाद किशोरी का गुस्सा शांत हुआ और उसने स्वयं ही सुरक्षित नीचे उतरने का फैसला किया। घटना के बाद किशोरी की मां ने युवक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर इस स्थिति तक पहुंचाया। परिजनों के अनुसार किशोरी की शादी पहले से तय है, जिससे परिवार में तनाव का माहौल बना हुआ है। उधर टावर के नीचे जमा भीड़ लगातार अपने-अपने मोबाइल फोन में वीडियो रिकॉर्ड करती रही। किसी के हाथ में कैमरा था तो कोई रील बनाने में व्यस्त था। ऐसा लग रहा था मानो पूरा घटनाक्रम किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का लाइव प्रसारण हो रहा हो। फिलहाल पुलिस किशोरी और उसके परिजनों से पूछताछ कर मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। राहत की बात यह रही कि इस पूरे हाई-वोल्टेज डिजिटल घटनाक्रम में कोई अप्रिय घटना नहीं हुई और किशोरी सुरक्षित नीचे उतर आई।
हालांकि यह घटना जितनी चर्चा में रही, उतना ही यह संदेश भी दे गई कि जीवन की समस्याओं का समाधान मोबाइल टावर की ऊंचाई पर नहीं, बल्कि बातचीत और समझदारी के मजबूत नेटवर्क में छिपा होता है।