23/01/2026
महुआ (वैशाली) में अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन के प्रदेश कार्यालय का भव्य उद्घाटन
महुआ (वैशाली) :- बसंत पंचमी एवं सरस्वती पूजा के पावन अवसर पर गुरुवार, 23 जनवरी 2026 को अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन द्वारा महुआ, वैशाली में प्रदेश कार्यालय का विधिवत शुभारंभ किया गया। शुभारंभ मां सरस्वती के स्मरण, विधिवत पूजन एवं फीता काटकर श्रद्धापूर्ण एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में संगठन के राष्ट्रीय महासचिव श्री अरुण कुमार (सुपुत्र श्री गंगा प्रसाद, पूर्व राज्यपाल, सिक्किम) की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. के. एल. सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष (चिकित्सा प्रकोष्ठ, बिहार) ने की।
बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं अतिथि रहे मौजूद
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में अमरजीत कुमार यादव (प्रदेश अध्यक्ष, बिहार), डॉ. टी. एन. सुमन (प्रदेश अध्यक्ष, चिकित्सा प्रकोष्ठ बिहार), कृणाल कुमार जायसवाल (युवा प्रदेश अध्यक्ष), रंजय कुमार राय (प्रदेश महासचिव), बैद्यनाथ चौधरी (प्रमुख सचिव, बिहार), शशि भूषण राय (प्रदेश प्रभारी, बिहार) सहित संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा रंजीत कुमार राय (जिला अध्यक्ष), फिरदौस बेगम (जिला अध्यक्ष), महेश साह (जिला प्रभारी), संजीत कुमार (युवा अध्यक्ष), सुरेंद्र कुमार यादव (जिला महामंत्री), आनंद देव (युवा जिला प्रभारी), रंजीत कुमार सिंह (जिला सचिव), मो. शाहिद (जिला कानूनी सलाहकार), मो. सादिक, सलमान कासमी (जिला सचिव, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ), इफ्तेखार अहमद (जिला महामंत्री, वैशाली), ज्योति सिंह (जिला अध्यक्ष), रौनक परवीन (जिला उपाध्यक्ष, समस्तीपुर), मोहम्मद अली असगर (जिला अध्यक्ष), मो. जुनैद (युवा जिला अध्यक्ष, मुजफ्फरपुर) सहित संगठन के समस्त पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं महुआ ग्रामीण क्षेत्र के सदस्यगण मौजूद रहे।
कार्यक्रम में माननीय जिला पदाधिकारी, वैशाली की उपस्थिति/आमंत्रण भी रहा, जिनका नाम जोड़ा जाना शेष है।
मानवाधिकारों की रक्षा संवैधानिक व नैतिक दायित्व
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि मानवाधिकार प्रत्येक व्यक्ति को जन्म से प्राप्त होते हैं, जिन्हें भारतीय संविधान के भाग-3 में मौलिक अधिकारों के रूप में विधिक संरक्षण प्रदान किया गया है। समानता का अधिकार (अनुच्छेद 14), जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद 21), शोषण के विरुद्ध अधिकार तथा न्याय तक समान पहुंच जैसे अधिकार लोकतंत्र की आधारशिला हैं।
उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों की रक्षा केवल कानूनी ही नहीं, बल्कि संवैधानिक और नैतिक दायित्व भी है।
सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष का संकल्प
संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन का मुख्य उद्देश्य भ्रष्टाचार के विरुद्ध सशक्त संघर्ष, महिला शोषण एवं उत्पीड़न पर प्रभावी रोक, बाल विवाह, रिश्वतखोरी एवं अन्य सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन हेतु निरंतर प्रयास करना है। साथ ही गरीब, असहाय एवं पीड़ित वर्ग को सहायता, अंगवस्त्र वितरण एवं विधिक मार्गदर्शन देकर मानवीय सेवा का कार्य किया जा रहा है।
प्रदेश कार्यालय के उद्घाटन से वैशाली जिला सहित आसपास के क्षेत्रों में मानवाधिकार संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई गई। इससे पीड़ितों को त्वरित सहायता एवं न्याय दिलाने में संगठन की भूमिका और अधिक मजबूत होगी।