22/02/2026
*अर्ध सैनिक बलों को सभी वेतन आयोगों ने सिविल कर्मचारियों के समान बना दिया है जबकि सिविल कर्मचारियों और हमारी ड्यूटी में जमीन आसमान का फर्क है। सिविल कर्मचारी 365 दिन अपने परिवार के साथ रहते हैं और सिर्फ 195 दिन ही ड्यूटी करते हैं वो भी 8 घंटे की। इनकी छुट्टियों का विवरण देख सकते हैं: रविवार - 52 शनिवार - 52 EL - 30 CL - 08 GH - 16 RH - 02 Med - 10 Total - 170 दिन की छुट्टी काटते है। हालाँकि हमें इससे कोई शिकायत नहीं है। *और हम मुश्किल से 80 दिन ही अपने परिवार के साथ रहते हैं बाकी 285 दिन हम ड्यूटी करते हैं और वो भी कम से कम से 15 से 18 घंटे रोज और 24 घंटे की जिम्मेदारी। मेरी 29वें साल की सर्विस होने जा रही है लेकिन मैंने अभी तक एक दिन भी मेडिकल लीव नहीं ली मैं ही नहीं हमारे 99% जवानों ने कभी भी medical leave नहीं ली होगी। * हम सेना से ज्यादा और कठिन ड्यूटी करते हैं। पूरा देश व सेना के जवान जब सोते हुए खर्राटे मार रहे होते हैं तब हम सीमा पर रात भर जाग कर ड्यूटी करते रहते हैं। जब हमें रबिवार को भी 18 घंटे ड्यूटी करने के बदले कोई मुवावजा नहीं मिलता है तो हम रविवार को ड्यूटी क्यों करें। हमें 52 शनिवार के बदले 30 दिन EL मिलती हैं बाकी 22 दिन शनिवार के बदले और 52 दिन रविवार के बदले क्या मिलता है। न ही PARA MILITARY SERVICE PAY दिया जा रहा है। क्यों हमेशा हमारे साथ अन्याय होता है क्योंकि हम हड़ताल नहीं कर सकते इसलिए! आखिर कब समझेगी सरकार हमारे और हमारे परिवार के बलिदान को? हम कब तक ये अन्याय सहन करते रहेंगे। सैनिक भाइयों को सरकार ने अच्छा वेतन दिया है ARMY SERVICE PAY और OROP दी है हमें ख़ुशी है वो इसके हक़दार हैं लेकिन हमने क्या बिगाड़ा देश का हमें क्यों नहीं दिया जाता है? जबकि हम सेना से ज्यादा व कठिन ड्यूटी करते हैं। कश्मीर की दुर्गम पहाड़ियों में हम भी सेना के साथ 18-20 हजार ऊँची बर्फीली पहाड़ियों में 2 या 3 साल लगातार ड्यूटी करते हैं जबकि वहां सेना सिर्फ 18 महीने ही ड्यूटी करती है तो फिर सेना की बराबरी नहीं बल्कि उससे ज्यादा के हक़दार हैं हम। हमे भी PARA MILITARY SERVICE PAY, ONE RANK ONE PENSION, Ex-Servicemen status और CSD Canteen सुविधा चाहिए और ये सरकार को देना ही पड़ेगा। हमारी मजबूरियों का फायदा न उठाये सरकार। जय हिन्द। जय भारत,all members of paramilitary **इसे खूब शेयर करें*