08/01/2026
🫵रादौर शहर के सभी पार्षदों,चेयरमैन रजनीश महता और समाजसेवियों ने स्मैक तस्करों के घर पर डलवाई पुलिस रेड👉
आज शाम दिनांक 8–1–2026 को रादौर के अधिकतर पार्षद जो नशे के खिलाफ हैं,रादौर शहर के नगरपालिका चेयरमैन जो नगरपालिका चुनावों के बाद से ही स्मैक चिट्टे के खिलाफ कड़ा रुख अपना रहे हैं और नशे के खिलाफ काम करने वाले शीतल शर्मा सहित सभी समाजसेवियों ने अचानक छोटाबांस की उस बस्ती में धावा बोल दिया जो बस्ती हमेशा से ही रादौर में स्मैक चिट्टे की बिक्री का केंद्र रही है।
इसी बस्ती से रादौर में इस घातक जानलेवा नशे की शुरुआत हुई थी उसके बाद से अब तक आस पास के क्षेत्रों में दर्जनों युवा इस नशे में मारे जा चुके हैं और हजारों की संख्या में युवा स्मैक हीरोइन में लिप्त होकर बर्बाद हो चुके हैं।
इतना ही नहीं इस जानलेवा नशे में फंसे युवाओं ने करोड़ों रुपए की जमीनें और घरबार की सभी चीजें बेचकर इसी बस्ती की भेंट चढ़ाई हैं।
कल दिनांक 7 जनवरी 2026 को इसी बस्ती के एक सबसे बड़े और पुराने तस्कर अजय भाट का स्मैक बेचने का वीडियो वायरल हुआ था जिसके बाद से सभी प्रतिनिधियों समाजसेवियों सहित पूरे शहर और क्षेत्र में रोष और गुस्से का माहौल था।
गुस्सा इसलिए भी अधिक था कि यह नशे का लेनदेन अजय भाट द्वारा रादौर के छोटाबांस के प्राचीन शिव मंदिर में किया जा रहा था,और स्थानीय लोगों का कहना है अजय भाट के परिवार ने ईसाई धर्म अपनाया हुआ है,इसके घर पर चांद सितारे का चिन्ह भी बना है और इसके द्वारा जानबूझकर हिंदू मंदिरों में ऐसा कार्य किया जाता है।
आज की रेड में पुलिस ने तस्करों के घर की और वाहनों की तलाशी ली।लेकिन अजय भाट घर से फरार मिला।
पुलिस ने बताया कि अजय भाट उसकी माता भानो रानी और उसके भाइयों पर पहले भी स्मैक हीरोइन की तस्करी के अनेकों मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने स्थानीय जनता और प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया है कि वह इन तस्करों की कमर तोड़कर रहेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि भविष्य में रादौर में स्मैक चिट्टे की तस्करी न हो पाए।
वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बस्ती और इन पुराने तस्करों को अनेकों बार समझाया जा चुका है और अनेकों बार इनपर मुकदमें भी लग चुके हैं इसके बाद भी ये लोग मौत का समान बेचने से बाज नहीं आ रहे, लोगों ने कहा कि अगर अभी भी इन लोगों ने ये मौत का समान बेचना बंद नहीं किया तो तस्करी करने वाले सभी परिवारों को बहिष्कार करके रादौर से निकाला जाएगा और शहर के हजारों लोग अगली बार इनके घर जाएंगे और सबको पुलिस के हवाले करने के साथ साथ इनके घर की एक एक ईंट को रादौर से बाहर फेंक देंगे। क्योंकि जो आस पास के युवाओं की जान ले रहे हैं उन्हें फलने फूलने नहीं दिया जाएगा।जब अपनी और अपने बच्चों की जान पर बन आती है तो आम आदमी भी किसी भी हद तक चला जाता है,अगर यह तस्कर न रुके तो आम आदमी इस हद तक चला जाएगा जिसकी इन तस्करों ने कल्पना भी नहीं की होगी।