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अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पटना जं अब ग्राउंड + 3 फ्लोर वाले आधुनिक भवन के रूप में बदला जाएगा।🔹 ₹5000 करोड़ की लागत🔹 ...
03/12/2025

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पटना जं अब ग्राउंड + 3 फ्लोर वाले आधुनिक भवन के रूप में बदला जाएगा।

🔹 ₹5000 करोड़ की लागत
🔹 स्टेशन पार्क अधिग्रहण पर ₹500 करोड़ स्वीकृत

तिलैया- राजगीर -बख्तियारपुर रेलखंड का दोहरीकरण को विशेष रेल परियोजना में स्वीकृति दिया गया अब ५ साल के जगह 04 साल में पू...
18/11/2025

तिलैया- राजगीर -बख्तियारपुर रेलखंड का दोहरीकरण को विशेष रेल परियोजना में स्वीकृति दिया गया अब ५ साल के जगह 04 साल में पूरा होगा ।

2400 करोड़ की लागत से इंटरनेशनल लेवल का बनेगा राजगीर रेलवे स्टेशन Nalanda Digital Service
24/01/2025

2400 करोड़ की लागत से इंटरनेशनल लेवल का बनेगा राजगीर रेलवे स्टेशन Nalanda Digital Service

बिहार शरीफ को भी मेट्रो रेल का सौगात मिलनी चाहिए ।
07/09/2024

बिहार शरीफ को भी मेट्रो रेल का सौगात मिलनी चाहिए ।

खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों को लुभायेगा राजगीर का खेल अकादमी - सह - क्रिकेट स्टेडियमआज बिहार के माननीय मुख्यमंत्री श्री N...
17/08/2024

खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों को लुभायेगा राजगीर का खेल अकादमी - सह - क्रिकेट स्टेडियम

आज बिहार के माननीय मुख्यमंत्री श्री Nitish Kumar जी के द्वारा #राजगीर में निर्माणाधीन प्रदेश के पहले खेल अकादमी - सह - क्रिकेट स्टेडियम का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के क्रम में माननीय मुख्यमंत्री जी ने वहां चल रहे निर्माण कार्यों के प्रगति की विस्तृत समीक्षा की एवं योजना को गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूर्ण करने हेतु अभियंताओं तथा कार्य एजेंसी को यथोचित दिशा-निर्देश दिया।

#खेल_अकादमी के अंतर्गत टर्फ़ के साथ , बास्केट बॉल , वॉलीबॉल , हैंडबॉल, लॉन टेनिस कोर्ट , विभिन्न के लिए कोर्ट, लड़के और लड़कियों के लिए हॉस्टल, कोच के लिए आवासन , निदेशक एवं उपनिदेशक का आवास आदि का निर्माण संपन्न हो गया है एवं स्टेडियम का निर्माण कार्य भी तेजी से किया जा रहा है जिसे शीघ्र हीं पूरा कर लिया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार , मुख्यमंत्री के सचिव सह सचिव, भवन निर्माण विभाग श्री कुमार रवि, वरीय पदाधिकारियों सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।

हल्दी रस्म या  फिजूल खर्चीअमीरों के चक्कर में बेचारा गरीब पिस रहा है 🤔आज कल ग्रामीण परिवेश में होने वाली शादियों में एक ...
01/03/2024

हल्दी रस्म या फिजूल खर्ची

अमीरों के चक्कर में बेचारा गरीब पिस रहा है 🤔

आज कल ग्रामीण परिवेश में होने वाली शादियों में एक नई रस्म का जन्म हुआ है हल्दी रस्म।

हल्दी रस्म के दौरान हजारों रूपये खर्च कर के विशेष डेकोरेशन किया जाता है, उस दिन दूल्हा या दुल्हन विशेष पीत (पीले) वस्त्र धारण करते हैं। साल 2020 से पूर्व इस हल्दी रस्म का प्रचलन ग्रामीण क्षेत्रों में कहीं पर भी देखने को नहीं मिलता था, लेकिन पिछले साल दो-तीन साल से इसका प्रचलन बहुत तेजी से ग्रामीण क्षेत्र में बढ़ा है।

पहले हल्दी की रस्म के पीछे कोई दिखावा नहीं होता था, बल्कि तार्किकता होती थी। पहले ग्रामीण क्षेत्रों में आज की तरह साबुन व शैम्पू नहीं थे और ना ही ब्यूटी पार्लर था। इसलिए हल्दी के उबटन से घिसघिस कर दूल्हे-दुल्हन के चेहरे व शरीर से मृत चमड़ी और मेल को हटाने, चेहरे को मुलायम और चमकदार बनाने के लिए हल्दी, चंदन, आटा, दूध से तैयार उबटन का प्रयोग करते थे। ताकि दूल्हा-दुल्हन सुंदर लगे। इस काम की जिम्मेदारी घर-परिवार की महिलाओं की थी। लेकिन आजकल की हल्दी रस्म मोडिफाइड, दिखावटी और मंहगी हो गई है। जिसमें हजारों रूपये खर्च कर डेकोरेशन किया जाता है। महंगे पीले वस्त्र पहने जाते है। दूल्हा दुल्हन के घर जाता है और पूरे वातावरण, कार्यक्रम को पीताम्बरी बनाने के भरसक प्रयास किये जाते हैं। यह पीला ड्रामा घर के मुखिया के माथे पर तनाव की लकीरें खींचता है जिससे चिंतामय पसीना टपकता है।

पुराने समय में जहां कच्ची छतों के नीचे पक्के इरादों के साथ दूल्हा-दुल्हन बिना किसी दिखावे के फेरे लेकर अपना जीवन आनंद के साथ शुरू करते थे, लेकिन आज पक्के इरादे कम और दिखावा और बनावटीपन ज्यादा होने लगा है।

आजकल देखने में आ रहा है कि ग्रामीण क्षेत्र में आर्थिक रूप से असक्षम परिवार के लड़के भी इस शहरी बनावटीपन में शामिल होकर परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ा रहे है। क्योंकि उन्हें अपने छुट भईए नेताओं, वन साइड हेयर कटिंग वाले या लम्बे बालों वाले सिगरेट का धुंआ उड़ाते दोस्तों को अपना ठरका दिखाना होता है। इंस्टाग्राम, फेसबुक आदि के लिए रील बनानी है। बेटे के रील बनाने के चक्कर में बाप की कर्ज़ उतरने में ही रेल बन जाती है।

ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे घरों में फिजूल खर्ची में पैसा पानी की तरह बहाया जाता है जिनके मां-बाप ने हाड़-तोड़ मेहनत और पसीने की कमाई से पाई-पाई जोड़ कर मकान का ढांचा खड़ा किया लेकिन ये नवयौवन लड़के-लड़कियां बिना समझे अपने मां-बाप की हैसियत से विपरीत जाकर अनावश्यक खर्चा करते हैं।

जिन परिवारों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं हो उन परिवारों के बच्चों को मां-बाप से जिद्द करके इस तरह की फिजूल खर्ची नहीं करवानी चाहिए। आजकल काफी जगह यह भी देखने को मिलता है कि बच्चे (जिनकी शादी है) मां-बाप से कहते है आप कुछ नहीं जानते, आपको समझ नहीं है, आपकी सोच वही पुरानी अनपढ़ों वाली रहेगी, यह कहते हुए अपने माता-पिता को गंवारू, पिछड़ा, थे तो बौझ्अ बरगा हो कहते हैं। मैं जब भी यह सुनता हूं सोचने को विवश हो जाता हूं, पांव अस्थिर हो जाते हैं। बड़ी चिंता होती हैं कि मेरा युवा व छोटा भाई-बहिन किस दिशा में जा रहे हैं।

इस तरह की फिजूलखर्ची वाली रस्म को रोकने के समाचार पढ़ कर खुशी होती है लेकिन अपने घर, परिवार, समाज, गांव में ऐसे कार्यक्रम में शरीक होकर लुत्फ उठा रहे हैं, फोटो खिंचवाकर स्टेटस लगा रहे हैं।

बिहार मे  #मुजफफरपुर के सड़कों पर दिखी  #वंदे भारत ट्रेन 🤣😂🥰
17/01/2024

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आज मोइन-उल-हक स्टेडियम के पुनर्विकास एवं नवनिर्माण संबंधित समीक्षा बैठक की। यहां बनने वाले वर्ल्ड क्लास इंटरनेशनल स्टेडि...
10/01/2024

आज मोइन-उल-हक स्टेडियम के पुनर्विकास एवं नवनिर्माण संबंधित समीक्षा बैठक की।

यहां बनने वाले वर्ल्ड क्लास इंटरनेशनल स्टेडियम में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, फाइव स्टार होटल, रेस्टोरेंट, बेहतर ड्रेनेज सिस्टम, पार्किंग व्यवस्था, पटना मेट्रो के साथ-साथ अन्य विश्वस्तरीय सुविधाओं की भी व्यवस्था होगी। दो हफ़्तों में DPR कार्य पूर्ण कर अग्रिम कारवाई करने के निर्देश दिए।

खुशखबरी, खुशखबरी, युवाओं के लिए खुशखबरी!बिहार की महागठबंधन सरकार ने प्रथम बार प्रदेश में 𝐁𝐢𝐡𝐚𝐫 𝐈𝐓 𝐏𝐨𝐥𝐢𝐜𝐲 𝟐𝟎𝟐𝟒 को स्वीकृत...
10/01/2024

खुशखबरी, खुशखबरी, युवाओं के लिए खुशखबरी!

बिहार की महागठबंधन सरकार ने प्रथम बार प्रदेश में 𝐁𝐢𝐡𝐚𝐫 𝐈𝐓 𝐏𝐨𝐥𝐢𝐜𝐲 𝟐𝟎𝟐𝟒 को स्वीकृति दी है।

नई 𝐈𝐓 𝐏𝐨𝐥𝐢𝐜𝐲 के अंतर्गत 𝐈𝐓 क्षेत्र में कार्यरत कंपनियों, निवेशकों व रोजगार प्रदाताओं को न्यूनतम 𝟓 से 𝟑𝟎 करोड़ रुपये निवेश करने पर 𝟑𝟎% का पूँजी निवेश सब्सिडी हमारी सरकार देगी।

#बिहार में कंपनी खोलने पर 𝟓𝟎% लीज़ रेंटल सब्सिडी अर्थात् किराए का भुगतान एवं 𝟐𝟓% कंपनी के बिजली का खर्च भी सरकार देगी।

नियोक्ता कम्पनियों के कर्मियों के 𝐄𝐒𝐈/𝐄𝐏𝐅 खाते में प्रति कर्मी, प्रति माह, 5 वर्षों तक अधिकतम ₹𝟓𝟎𝟎𝟎/ राशि की रोजगार सृजन सब्सिडी सरकार देगी।

𝟏𝟎𝟎 करोड़ से अधिक के निवेश या न्यूनतम 𝟏𝟎𝟎𝟎 प्रत्यक्ष रोजगार उत्पन्न करने पर 𝐓𝐚𝐢𝐥𝐨𝐫 𝐌𝐚𝐝𝐞 𝐏𝐚𝐜𝐤𝐚𝐠𝐞 का प्रावधान।

उम्मीद है कि हमारी सरकार के प्रयासों से आने वाले दिनों में 𝐈𝐓 𝐒𝐞𝐜𝐭𝐨𝐫 में बिहार मजबूत प्लेयर बन कर उभरेगा तथा लाखों की संख्या में युवाओं को नौकरी और रोजगार मिलेंगे।

11/09/2023

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