Lisandro Harris

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05/14/2026

⁨ اللهم صل وسلم وبارك على نبينا محمد 💕
اكتب شيء تؤجر عليه ♥️👈

05/08/2026


۞إِنَّ اللَّهَ وَمَلَائِكَتَهُ يُصَلُّونَ عَلَى النَّبِي يَاأيُّهَاالَّذِينَ آمَنُواصَلُّواعَلَيْهِ وَسَلِّمُواتَسْليما
۞ﷺمحمدﷺ۞❤️

04/25/2026

اللهم صّلِ وسَلّمْ عَلۓِ نَبِيْنَامُحَمد ضﷺ
هەمیشە یادی خوای گەورە بکە

04/25/2026

السَّلاَمُ عَلَيْكُمْ وَرَحْمَةُ اللهِ
وَبَرَكَاتُهُ
بِسۡـــــــــمِ ٱللهِ ٱلرَّحۡـمَـٰنِ ٱلرَّحِـــــــيمِ
ٍالسَّلاَمُ عَلَيْكُمْ وَرَحْمَةُ اللهِ
وَبَرَكَاتُهُ
بِسۡـــــــــمِ ٱللهِ ٱلرَّحۡـمَـٰنِ ٱلرَّحِـــــــيمِ

04/17/2026

🤍اللّهُمَّ صَلِّ عَلی مُحَمَّد وَآلِ مُحَمَّد🤍💚🤍اللّهُمَّ صَلِّ عَلی مُحَمَّد وَآلِ مُحَمَّد🤍💚🤍اللّهُمَّ صَلِّ عَلی مُحَمَّد وَآلِ مُحَمَّد🤍💚🤍اللّهُمَّ صَلِّ عَلی مُحَمَّد وَآلِ مُحَمَّد🤍💚🤍اللّهُمَّ صَلِّ عَلی مُحَمَّد وَآلِ مُحَمَّد🤍💚🤍اللّهُمَّ صَلِّ عَلی مُحَمَّد وَآلِ مُحَمَّد🤍💚🤍اللّهُمَّ صَلِّ عَلی مُحَمَّد وَآلِ مُحَمَّد🤍💚🤍اللّهُمَّ صَلِّ عَلی مُحَمَّد وَآلِ مُحَمَّد🤍💚🤍اللّهُمَّ صَلِّ عَلی مُحَمَّد وَآلِ مُحَمَّد🤍💚🤍اللّهُمَّ صَلِّ عَلی مُحَمَّد وَآلِ مُحَمَّد🤍💚🤍اللّهُمَّ صَلِّ عَلی مُحَمَّد وَآلِ مُحَمَّد🤍💚🤍اللّهُمَّ صَلِّ عَلی مُحَمَّد وَآلِ مُحَمَّد🤍💚🤍اللّهُمَّ صَلِّ عَلی مُحَمَّد وَآلِ مُحَمَّد🤍💚🤍اللّهُمَّ صَلِّ عَلی مُحَمَّد وَآلِ مُحَمَّد🤍💚🤍اللّهُمَّ صَلِّ عَلی مُحَمَّد وَآلِ مُحَمَّد🤍💚

04/17/2026

- سُبحان الله🩵
‌‏- الحمدلله🩵
‌‏- لا إله إلا الله🩵
‌‏- اللهُ أكبر🩵
‌‏- سُبحان الله و بحمدهِ🩵

04/09/2026

💞 صَلَّی اللّٰهُ عَلَیْہِ وَاٰلِہٖ وَاَصْحَابِہٖ وَ بَارِكْ وَسَلَّمَ 💞
💞 صَلَّی اللّٰهُ عَلَیْہِ وَاٰلِہٖ وَاَصْحَابِہٖ وَ بَارِكْ وَسَلَّمَ 💞
💞 صَلَّی اللّٰهُ عَلَیْہِ وَاٰلِہٖ وَاَصْحَابِہٖ وَ بَارِكْ وَسَلَّمَ

04/09/2026

بـسـم الله الـرحـمـن الـرحـيـم
🤲🤲🤲
“There is no god but Allah.”

प्रिय पाठको, अपनी कहानी में मैं अपनी सगी भाभी की सच्ची दास्ताँ सुना रहा हूँ !आप सबको सबसे पहले मैं अपना परिचय देना चाहता...
04/05/2026

प्रिय पाठको, अपनी कहानी में मैं अपनी सगी भाभी की सच्ची दास्ताँ सुना रहा हूँ !आप सबको सबसे पहले मैं अपना परिचय देना चाहता हूँ।मेरा नाम विजय अग्रवाल है और मैं हैदराबाद (आंध्र प्रदेश) के एक गाँव में रहता हूँ, मेरी अभी तक शादी नहीं हुई है। मुझे इस बात का पक्का यक़ीन है जिसे भी मैंने किया है वो पूरी तरह सन्तुष्ट हुई है।मेरी इस कहानी की नायिका की बात करता हूँ।जिन भाभी की ठुकाई मैंने की है, उनकी उम्र 24 साल की है वो काफ़ी कामुक और आकर्षक माल हैं।उनका नाम सरिता है, इतनी ख़ूबसूरत हैं कि जो भी एक बार उन्हें देख ले.. तो बस उनका दीवाना हो जाए।उनका 36-26-36 का फ़िगर बहुत ही मस्त है।मेरे भैया की नई-नई शादी हुई थी।

भाभी को जब मैंने पहली बार देखा, तब से ही मैं ये सोचने लगा थी कि मैं उन भाभी की ठुकाई एक बार ज़रूर तो जरूर करूँगा और उनके नाम से मारा करता था।
शादी के कुछ दिनों बाद ही भैया को ऑफिस के काम से एक महीने के लिए अमेरिका जाना पड़ा।
तब भैया ने भाभी से कहा- तू क्यों परेशान होती है.. तेरी सभी ज़रूरतों को तेरा यह देवर पूरा करेगा।
काश उस वक्त वो समझे होते कि सभी ज़रूरतों को मैं पूरा कर दूँगा यानि कि भैया ने सोचा ही नहीं था कि मैं उनकी बीवी को करूंगा ।
बस वो दिन आया और भैया चले गए अमेरिका।
अभी 4-5 दिन ही बीते थे कि भाभी को बर्दाश्त नहीं हो रहा था।
मैं तो उन्हें करने का बहुत दिनों से प्लान बना रहा था।
एक दिन मैं अपने कमरे में सोया हुआ था कि भाभी मुझे उठाने के लिए आईं।
मैं सिर्फ़ अपने अंडरवियर में था।
जब भाभी मुझे उठाने के लिए आईं तब उनकी नज़र मेरे तने हुए सामान पर पड़ी।
मैं भी जानबूझ कर वैसा ही पड़ा रहा।
ख़ैर भाभी ने देखा और शरमा कर चली गईं।
अगले दिन भी यही हुआ।
अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था।
इसके अगले दिन जब भाभी मुझे उठाने के लिए आईं तब मैंने उन्हें मेरे पास खींच लिया और उनके होंठों पर एक चुम्बन जड़ दिया।
भाभी भी 8-10 दिनों से भूखी थीं।
उन्होंने भी सहयोग किया।
फिर मैंने धीरे-धीरे उनके चेहरे पर से जाते हुए उनकी गर्दन पर चुम्बन करना शुरू किया।
भाभी और गरम होती गईं।
मैंने धीरे-धीरे उनके गोलाइयों को दबाया और उनका ब्लाउज उतार दिया।
फिर उनकी साड़ी खोल दी।
अब भाभी सिर्फ़ ब्रा और पेटीकोट में रह गई थीं।
मैं उनके होंठों पर चुम्बन किए जा रहा था और उनके संतरो को दबा रहा था।
फिर मैंने उनकी ब्रा भी खोल दी।
अब उनके बड़े-बड़े उभार मेरे सामने सर उठाए खड़े थे।
मैं पागल हुए जा रहा था।
उसने अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिए और चूसने लगी और मेरा सहलाने लगीं।
मुझे लगा मैं सपना देख रहा हूँ।
उसने मेरे कपड़े उतारे।
मैं भी नंगा हो गया फिर उसने मेरा सामान अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू किया।
इससे पहले किसी औरत ने मेरा नहीं चूसा था।

मैंने सिसकारी भरते हुए कहा- भाभी… मजा आ रहा है!
फिर वह मुझे करने के लिए कहने लगी और मेरे नीचे लेट गई।
अब मेरी भाभी की ठुकाई का वक्त आ गया था।
मैंने भाभी की गुफा पर सामान रख कर धक्का मारा।
उनकी गुफा बहुत ज़्यादा ठुकि हुई थी, मेरा एक बार में पूरा खा गई।

उन्होंने कहा- आह.. मज़ा आ गया.. और ज़ोर से पेलो ..
मैं अपना पूरा बाहर निकालता और एकदम से डाल देता।
वो भी नीचे से धक्के मार रही थी और कह रही थी- हाय…मेरे..विज्जू.. ज़ोर से .. मज़ा आ रहा है..
धकापेल धकापेल भाभी की ठुकाई होने लगी।
फिर थोड़ी देर बाद हम दोनों झड़ गए उसने मुझे कमर से पकड़ लिया और कहा- मेरे ऊपर ही लेटे रहो।
फिर क़रीब 30 मिनट तक हम मस्ती करते रहे, फिर उसने मेरा सामान अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी।
मैं उसकी गुफा में ऊँगली डाल कर उसे मज़ा दे रहा था।
कुछ ही पलों के बाद मैं फिर से तैयार हो गया था।
अब की बार उसने मुझसे कहा- मुझे पीछे से ठुकना अच्छा लगता है… तुम मुझे पीछे से करो ।
मैंने उसके हिप को फैला कर उसकी उठी हुई गुफा में अपना साढ़े सात इन्ची सामान फंसा कर भाभी की ठुकाई की, कुतिया की तरह से तरह से उन्हें किया ।

अबकी बार वो जल्दी झड़ गई, मेरा अभी भी मस्त था।
मैं उसे धकापेल कर रहा था।
मेरा पानी नहीं निकल रहा था।
वो तड़फ कर कह रही थी- बस विज्जू.. अब बस करो मेरी टाँगें दुख रही हैं।
मैंने कहा- थोड़ी देर.. और..मेरी जान।
मैं धक्के मार रहा था..
वो चिल्ला रही थी।
मैं पीछे से कुत्ते जैसा लग कर भाभी की ठुकाई किये जा रहा था और उनकी संतरे हवा में झूल रही थीं।

मैंने अपने हाथों में उसकी संतरो को पकड़ कर खूब मसला।
उसके संतरो को भी मैं खूब दबा रहा था।
भाभी के मुँह से मादक मस्ती की सिसकारियाँ निकल रही थीं।
खूब मजा आ रहा है.’
तभी मेरे सामान ने उसकी गुफा की गर्मी से उन पर जुल्म कर दिया और मैं तेजी पेलने लगा..
तभी उनका पानी निकल गया।
पानी से लबालब गुफा से ‘फ़च-फ़च’ की आवाज़ आ रही थी।
मैं उसे लगातार बेरहमी से ठुकाई करता रहा…
वो कह रही थी- बस मैं मर जाऊँगी..
फिर मेरा पानी उसकी गुफा में निकल गया।
ठुकाई से थक कर हम दोनों लेट गए।
उन्होंने कहा- तुमने मेरी गुफा का भुरता बना दिया, तुम्हारे भाई ने आज तक कभी ऐसा नहीं पेला ।
फिर मैं रोज़ भाभी की ठुकाई करने लगा।

कहानी मैं खुद सूना रही हूँ, बदचलन ही खुद को ही कह रही हूँ। ये आपको तय करना है मैं बदचलन हूँ या सही हूँ। अगर मैं रात की प...
04/05/2026

कहानी मैं खुद सूना रही हूँ, बदचलन ही खुद को ही कह रही हूँ। ये आपको तय करना है मैं बदचलन हूँ या सही हूँ। अगर मैं रात की पड़ोस के लड़के से करवाते पकड़ी गई तो किसका दोष है। मेरा दोष है या हरामी पति का या दोगला ससुर का है। आप खुद तय करना। मैं तो एक एक बात आपको यहाँ पर बताउंगी क्या हुआ था उस रात। उस लड़के को मैंने पेलने के लिए कैसे बुलाया और फिर पकड़ी गई तो मुझे बाप बेटे ने मिलकर रात भर क्यों पेला और क्या क्या हुआ। सब आपको बताउंगी।

1 दिन की बात है मेरे पति और मेरे ससुर दोनों भटिंडा गए हुए थे मैं दिल्ली में रहती हूं भटिंडा इसलिए क्योंकि उन्हें कुछ जमीन जायदाद का काम था तो जाना जरूरी हो गया। मेरे घर में मेरे अलावा और कोई नहीं है क्योंकि मेरे पति एकलौता का संतान है सास भी नहीं है। तुम्हें ही घर में एक औरत हूं जो घर को संभालते हो। पर क्या बताऊं दोस्तों अपनी व्यथा में किसको सुनाऊं जब से शादी हुई तब से मेरा पति मुझे कुछ नहीं कर पाता है मेरा पति मुझे पेल नहीं पाता है वह कुछ नहीं कर पाता मुझे।

आप खुद बताइए ठुकाई की भूख होती है और अगर भूख शांत नहीं होगा तो क्या करेगा वह इंसान तो इधर उधर मुंह मारे गए चाहे आदमी हो या औरत ठुकाई तो चाहिए ही होता है जिंदगी में पर यह ऐसी चीज होती है कि लोग किसी को कह भी नहीं सकता। इसलिए मेरा मन इधर उधर भटकने लगा मैं ढूंढने लगे किसी ऐसे इंसान को जो मुझे खुश कर सके

मेरे पड़ोस में ही एक लड़का रहता है वो काफी हैंडसम है जिम जाता है स्टाइल मारता है और हैप्पी अच्छा तो मैं उसकी तरफ आकर्षित होने लगी और उसको कब्जे में भी ले ली। उसके साथ रिलेशन तो दो बार से बना था इसके पहले पर हां रोजाना मैं उससे चाहे तो जरूर करती थी व्हाट्सएप पर तो हम दोनों में काफी बातें खुल चुकी थी हम दोनों ने एक दूसरे को अपने अपने पिक्चर भी शेयर की थी मैं उनको कई सारे नंगी तस्वीरें भेजी थी।

जब मैं नहाने जाती थी तभी वह भी नहाने जाता था और तभी मैं आपको वीडियो कॉल करते थे वह मेरे पूरे शरीर को देख सकता था मैं उसके पूरे शरीर को देख सकते थे उसका खड़ा होता था तो मुझे बहुत अच्छा लगता था और मेरी संतरे बड़ी बड़ी जब वह देखता था तो आह आह करता था। यह सब बहुत अच्छा लग रहा था यह सब सिलसिला चल ही रहा था पर दोस्तों एक दिन मैं चाहते थे कि डर के नहीं खुलकर उसे करवाऊं।

प्लान बन गया कि मुझे पहले से ही पता था मेरे पति और ससुर दोनों जाने वाले हैं तो मैं आपको पहले ही बता दी। पर वह किसी काम से बाहर चला गया था तो बात बन नहीं पाई। शाम को दूसरे तीसरे दिन फोन आया उस लड़के का आज मैं फ्री हूं तुम्हारे ससुर और पति घर पर है क्या तुम्हें बोल दे वह लोग बस से आ रहे हैं सुबह तक वह पहुंच जाएंगे. क्योंकि वहां से चल चुके हैं फोन आया था उनका।
तो मैं उसको टाइम दे दूं कि ठीक है तुम रात को 9 बजे आ जाना। क्योंकि मुझे पता था मेरे ससुर और मेरा पति दोनों सुबह तक पहुंचेगा दिल्ली तो डर नहीं था मुझे तो मैं आपको 9का टाइम दे दी और वह 9 बजे आ भी गया.

जब अंदर आया तो मैं दरवाजा बंद कर दे और हम दोनों एक दूसरे के गले में झूमने लगे किस करने लगे वह मेरी संतरे दबाता मैं उसका पकड़ता ऐसा ही चलता रहा। जल्दबाजी नहीं करना चाहते थे क्योंकि टाइम था इसलिए मैं सोचा कि पहले अपने जिस्म को खूब हूं छिड़वाऊं ताकि। गरम हो जाओ उसके बाद आराम से कर सकूं ताकि मैं भी खुश हो जाऊं जाने कि मैं भी संतुष्ट हो जाऊं और को भी संतुष्टि मिले इस वजह से हम दोनों एक दूसरे को तुम रहे थे डांस कर रहे थे नंगे नाच रहे थे।

धीरे-धीरे हम दोनों के वासना जाग उठे और हम दोनों एक दूसरे के जिसमें को मुंह से छूने लगे चाटने लगे। मैं गर्म हो चुकी थी वह भी काफी गर्म हो चुका था उसका मोटा हो चुका था खड़ा हो गया था मेरी गुका पर काफी गीली हो गई थी अब बर्दाश्त के बाहर हो गया था।
उसने मुझे कहा कि अब ले लो नहीं तो मेरा निकल जाएगा। क्योंकि मैं घंटे से चूस रही थी वह मित्रों को दबा रहा था मेरी हिप में उंगली कर रहा था मेरी गुफा में उंगली कर रहा था तो दोस्तों आप खुद सोचिए कौन सा ऐसा मर्द होगा इतना सहेगा।
मुझे भी अब अपनी गुफा में चाहिए था तो मैं उसको बेडरूम में दे गई नीचे लेट गई पहले उसने फिर से गुफा चाटा और फिर अपना निकाल कर के मेरी गुफा के ऊपर सेट किया और फिर पेल दिया जोर-जोर से। मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा क्योंकि मोटा मिल रहा था मुझे तो मुझे बहुत सुकून मिला था ऐसा लग रहा था मैं स्वर्ग में हूं मुझे लगाता था तुम्हें तो जिस्म मैं बिजली दौड़ जाती थी। मैं काफी ज्यादा काम हो गई थी हिप उठा रही थी। हिप उठा उठा कर दी थी रात करीब 10:30 बज गए थे।

तभी मेरे घर का बेल बजा, मैं हैरान थी इतनी रात को कौन आएगा मुझे पता था मेरे पति और ससुर आने वाले थे क्योंकि वह बस से आ रहे थे। मुझे लगा कोई होगा तो गेट के बाहर से ही चला जाएगा तो मैं बस नाइटी ऊपर डाल दी अंदर कुछ भी नहीं पहने और फिर दरवाजे के पास गई दरवाजा जैसे खुली तो मैं दंग रह गई दोनों बाहर खड़े थे। मैं बोली आप लोग और इस समय तो बाहर सही बोले हां हां खुला दरवाजा जल्दी आ गया बस से नहीं आया. क्योंकि यमुना बाजार वाले अपनी कार से आ रहे थे तो वह अकेले थे तो हम दोनों भी होने के साथ आ गए इसलिए हम लोग जल्दी पहुंच गए। और वहां से भी 2 घंटा पहले निकल पड़े थे।

मेरे पैरों के नीचे जमीन खिसक गई थी तभी वह लड़का भी कमरे से उठकर गेट के पास आ गया। दरवाजा मैं कहां पर हूं खुली वह लड़का तुरंत बाहर निकल गया और चला गया मेरे ससुर और मेरे पति को सारा माजरा समझ आ गया था क्योंकि मेरी ब्रा और पेंटी वहीं पर थे फर्श पर गिरे हुए। और सेफ्टी का पैकेट टेबल पर पड़ा था मैं तुम्हारा दोस्त हूं बुधवार को सबसे पहले मेरी ब्रा और पेंटी को देखा फिर पैकेट को दिखा।

फिर क्या था उन्होंने दोनों ने मुझे गालियां देना शुरु कर दिया बदचलन बोलना शुरु कर दिया। मारने वाले थे वैसे मैंने बोल दे कि यह सब क्यों कर रहे हो क्योंकि तुम पेल नहीं पाते हो मुझे तुम मुझे खुश नहीं कर पाते हो। यह करना पड़ा जब मुझे भूख है और तुम मुझे इस को पूरा नहीं कर रहे हो तो मैं क्या करूंगी। इतना सुनते ही वह दोनों और भी ज्यादा आग बबूला हो गए और गीत को बंद किया और दोनों मिलकर मुझे पकड़कर बेडरूम में लेकर आए और दोनों ने अपने अपने कपड़े खोलें और बोले आज इसकी गर्मी को को हम खत्म कर देते है ।

आज मैं इसकी हिप फाड़ देता हूं आज मैं उसकी गुफा फाड़ देता हूं और दोनों मिलकर मुझे पेलने लगे। दोस्तों जैसा हो तो ना पेल रहे थे मुझे ऐसे ही ठुकाई चाहिए थी। मैं खुश थे मैं नाराज नहीं थी पर अब तूने गुस्से में थे मैं उनसे का खूब मजे लिए तूने मुझे उलट-पुलट कर पेल रहे थे और मैं इसका मजे ले रहे थी। भांड में जाए रिश्ते भाड़ में जाए नाते। ससुर हो या कोई और मुझे आज ठुकना था तो ठुकना था। सच पूछिए तो वह लोग जैसा बोल रहे थे कि आज तेरी गर्मी को खत्म करता हूं। और तेरी मारता हूं तेरा हिप मारता हूं तो सच में यह सपना मेरा था कि कोई ऐसा ही करें मेरी फाड़ दी मेरी हिप फाड़े पर मुझे खुश करे।

पूरी रात तो दोनों पेल नहीं पाए पर हम दोनों ने मिलकर मुझे कभी खुश कर दिया। जिंदगी में पहली बार में संतुष्ट हो पाए थे क्योंकि मेरे पति का भी मर्दानगी की ललकार हो गया था इसलिए अपने सामान को पहले जा रहा था, मेरी गुफा में और ससुर को बहुत दिनों से नहीं मिला था इसलिए उसका भी मनोकामना पूरा हो गया और सच पूछिए तो हम तीनों का मनोकामना पूरा हो गया हम तीनों भी यही चाहते थे।

मेरा पति चाहता था कि मैं उसको संतोष कर पाऊं मेरे ससुर को काफी दिन से नहीं मिला था और मुझे कभी ऐसा सामान नहीं मिला था और ऐसे किसी ने मुझे संतुष्ट नहीं किया था तो आज वह भी पूरा हो गया दोस्तों।
खूब मजे ले अब तो रोजाना ठुकती हूँ चाहे वह पति हो या ससुर हो। कभी कभी गलत काम भी सही हो हो जाता है जैसा मेरे साथ हुआ। अब मैं संतुष्ट हूँ। ठुकाई का मजा ले रही हूँ। वो दोनों भी खुश है मेरे से उन दोनों को कोई गीला शिकवा नहीं है। तीनो खुश खुशः रह रहे है।

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